HMPV वायरस पांच देशों में पहुंचा, कोरोना से कितना है खतरनाक

HMPV : क्या कोराना वायरस से खतरनाक है HMPV वायरस ? सोशल मीडिया पर लॉकडाउन क्यों कर रहा है ट्रेंड? वायरस पांच देशों तक पहुंच चुका है.

HMPV : पांच साल पहले चीन से फैले कोरोना वायरस (COVID-19) ने पूरी दुनिया में तबाही मचाई थी. वायरस से लाखों मौत हुई और लॉकडाउन लगाया गया. एक बार फिर, एक नया वायरस ”ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस” (HMPV) चिंता बढ़ा रहा है. चीन में तेजी से फैल रहे इस वायरस ने अब तक भारत समेत 5 देशों में इंट्री ले ली र्है. इस वायरस की बढ़ती रफ्तार और लक्षणों ने एक बार फिर दुनिया को अलर्ट मोड पर ला दिया है. भारत में सोमवार को एचएमपीवी के पांच मामलों की पुष्टि हुई. इनमें से दो कर्नाटक के बेंगलुरु में, एक गुजरात के अहमदाबाद में और एक तमिलनाडु के चेन्नई और एक सलेम में है.

इस बीच सोशल मीडिया पर लॉकडाउन ट्रेंड कर रहा है. लोगों के जेहन में सवाल आ रहा है कि क्या फिर एक बार दुनियाभर में कोरोना वायरस जैसी तबाई मचेगी? क्या फिर लॉकडाउन लगाया जाएगा? सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर हैशटैग लॉकडाउन ट्रेंड कर रहा है जिसपर यूजर लगातार रिएक्शन दे रहे हैं. तो आइए जानते हैं इस वायरस से जुड़े कुछ सवालों के जवाब.

एचएमपीवी (HMPV), यानी ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (Human Metapneumovirus), एक सांस संबंधी वायरस है. यह बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को चपेट में लेता है.

कोरोना वायरस से एचएमपीवी कितना खतरनाक?

एचएमपीवी भी सांस संबंधी समस्याएं लोगों में पैदा करता है, लेकिन यह COVID-19 की तुलना में कम खतरनाक है. कोरोना वायरस की तरह यह भी एयरबोर्न वायरस है, लेकिन इसके संक्रमण का दायरा और जटिलताएं COVID-19 से कम होती हैं. इसका मतलब है कि यदि यह फैलता भी है तो लॉकडाउन जैसी स्थिति नजर नहीं आएगी.

कब सामने आया था एचएमपीवी वायरस?

एचएमपीवी की पहली बार पहचान 2001 में हुई थी. यह वायरस न्यूमोविरिडे (Paramyxoviridae परिवार का हिस्सा) परिवार का सदस्य है और रेस्पिरेटरी सिंकाइटियल वायरस (RSV) से संबंधित है.

एचएमपीवी वायरस कैसे फैलता है?

खांसने, छींकने, या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से एचएमपीवी वायरस फैलता है. संक्रमित सतह को छूने और फिर अपनी आंख, नाक, या मुंह को छूने से भी संक्रमण फैल जाता है.

एचएमपीवी वायरस के लक्षण क्या हैं?

एचएमपीवी वायरस के सामान्य लक्षण की बात करें तो इससे संक्रमित व्यक्ति का नाक बहता रहता है. खांसी, बुखार, गले में खराश, सांस लेने में कठिनाई भी इसके लक्षण हैं. वहीं गंभीर मामलों में- ब्रोंकाइटिस, निमोनिया, श्वसन तंत्र की अन्य गंभीर समस्याएं.

एचएमपीवी वायरस से किसे सबसे ज्यादा खतरा?

एचएमपीवी वायरस से बच्चों को ज्यादा खतरा होता है. जिनकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है, उनको भी खतरा होता है. बुजुर्ग को भी खतरा होता है, क्योंकि उम्र बढ़ने के साथ प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है. क्रॉनिक बीमारियों से ग्रस्त लोग- जैसे अस्थमा, सीओपीडी (COPD), और हृदय रोग के मरीज को भी खतरा होता है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >