Ladki Bahin Yojana : लाड़की बहिन योजना का रुक न जाए पैसा, 31 दिसंबर तक जरूर करवा लें ये काम

Ladki Bahin Yojana : महाराष्ट्र की मुख्यमंत्री माझी लाड़की बहिन योजना को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है. मंत्री अदिति एस तटकरे ने ई-केवाईसी की अंतिम तारीख के बारे में बताया है. यदि आपने ई-केवाईसी नहीं करवाया तो पैसा आपके खाते में हो सकता है कि न आए.

Ladki Bahin Yojana : मुख्यमंत्री माझी लाड़की बहिन योजना को लेकर एक अहम जानकारी मंत्री अदिति एस तटकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी है. उन्होंने एक्स पर लिखा–लाड़की बहिन योजना के तहत ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया को लेकर एक महत्वपूर्ण जानकारी शेयर कर रही हूं. इस योजना के अधिकतर लाभार्थी दूर-दराज और ग्रामीण इलाकों से हैं, इसलिए ई-केवाईसी करते समय कई महिलाओं से अनजाने में गलतियां हो गई हैं. विभाग को ऐसी कई शिकायतें और आवेदन मिले हैं, जिनमें इन गलतियों को सुधारने का मौका देने की मांग की गई थी.

 31 दिसंबर 2025 तक उपलब्ध रहेगी ई-केवाईसी की सुविधा

आगे उन्होंने लिखा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना है. इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ई-केवाईसी में सुधार के लिए एक अंतिम अवसर देने का निर्णय लिया है. लाभार्थी महिलाएं अब अपनी ई-केवाईसी में हुई गलतियों को सुधार सकती हैं.यह सुविधा 31 दिसंबर 2025 तक उपलब्ध रहेगी. इसके साथ ही उन प्रिय बहनों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है, जिनके पति या पिता का निधन हो चुका है. अब ऐसी महिलाएं भी पोर्टल पर उपलब्ध सुविधाओं के माध्यम से आसानी से ई-केवाईसी पूरी कर सकेंगी.

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उन्होंने आगे लिखा– महिला एवं बाल विकास विभाग इस प्रक्रिया को अधिक सरल, सुविधाजनक और पारदर्शी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं मुख्यमंत्री माझी लाड़की बहिन योजना का लाभ उठा सकें और आत्मनिर्भर बन सकें.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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