Diwali 2025 : 4 फुलझड़ियां ओजोन में बड़ा छेद कर देंगी, दिवाली पर ज्ञान देने वालों पर कुमार विश्वास का तंज, देखें Video

Diwali 2025 : प्रख्यात हिंदी कवि डॉ. कुमार विश्वास ने दिवाली पर ज्ञान देने वालों पर तंज कसा है. मुंबई के शानमुखानंद हॉल में आयोजित कविता संगोष्ठी में उन्होंने दुनियाभर मे जारी युद्ध का जिक्र किया. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. देखें वीडियो.

Diwali 2025 : प्रख्यात हिंदी कवि डॉ. कुमार विश्वास ने दिवाली पर पटाखों के विरोधियों पर तंज कसा है. इसका वीडयो सामने आया है जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. उन्होंने दुनिया में चल रहे युद्धों का जिक्र किया, और कहा कि इन युद्धों के हथियार ओजोन परत को नुकसान नहीं पहुंचाते, लेकिन दिवाली के फुलझड़ियां इसमें बड़ा छेद डाल देंगी. आप भी देखें ये वायरल वीडियो.

चार फूलझड़ियां ओजोन में बड़ा छेद कर देंगी

मुंबई के शानमुखानंद हॉल में आयोजित कविता संगोष्ठी में डॉ. कुमार विश्वास ने कहा, “यूक्रेन और रूस पिछले तीन साल से टकरा रहे हैं. इतनी सारी गोला-बारूद बर्बाद हो गई. गाजा में भी गोला-बारूद इस्तेमाल हो रहा है.” उन्होंने इस दौरान भारत के ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया. इसके बाद उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “इतनी सारी गोला-बारूद होने के बावजूद ओजोन परत पूरी तरह सुरक्षित रही, लेकिन दिवाली पर सिर्फ चार फुलझड़ियां ओजोन में बड़ा छेद कर देंगी. यह छेद इतना बड़ा होगा कि कई विद्वान इसके अंदर से ऊपर और नीचे जा सकते हैं.”

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पटाखे पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं

यदि आपको याद हो तो हर साल दिवाली पर यह बहस होती है कि इस दिन के पटाखे पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं. इस विषय में एक पक्ष कहता है कि पर्यावरण का बहाना सिर्फ हिंदू त्योहारों को निशाना बनाने की साजिश का हिस्सा है. वहीं, दूसरा पक्ष कहता है कि दिवाली में पटाखे जलाने से प्रदूषण होता है और यह पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है. ऐसे ही ज्ञान देने वालों पर कुमार विश्वास ने तंज कसा जिसके बाद जमकर ठहाके लगने लगे.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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