Sofiya Qureshi Salary: कर्नल सोफिया को कितना जानते हैं आप? शिक्षा से लेकर सैलरी तक सब जानें

Sofiya Qureshi

Sophia Qureshi Salary: भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर की सफलता से पूरे देश में जश्न मनाया जा रहा है. भारतीय जवानों ने जिस तरह से पाकिस्तान और POK में 9 आतंकवादी ठिकानों को तबाह किया है, उससे न केवल पहलगाम हमले के पीड़ितों को थोड़ी राहत मिली होगी, बल्कि पूरे देश का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है. ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) की सफलता में एक चेहरा ऐसा है, जिसकी चर्चा सबसे अधिक हो रही है. उसका नाम है कर्नल सोफिया कुरैशी. इस आर्टिकल में हम आपको कर्नल सोफिया के बारे में हर वो जानकारी देने वाले हैं, जिसे आप जरूर जानना चाहते होंगे.

Sofiya Qureshi Salary: ऑपरेशन सिंदूर के बीच कर्नल सोफिया कुरैशी की चर्चा तब हुई, जब विदेश सचिव विक्रम मिसरी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह के साथ कर्नल सोफिया ‘ब्रीफिंग’ के लिए प्रेस के सामने उपस्थित हुईं. उनको प्रेस ब्रीफिंग करते देख गुजरात में उनका परिवार गर्व से झूम उठा.

सेना में अधिकारी बनने के लिए सोफिया ने पीएचडी और शिक्षण कार्य छोड़ दिया

वडोदरा की रहने वाली कर्नल सोफिया ने सेना में अधिकारी बनने के लिए पीएचडी और शिक्षण कार्य छोड़ दिया था. उनके माता-पिता और भाई मोहम्मद संजय कुरैशी शहर के तंदलजा इलाके में रहते हैं. संजय ने कहा कि उनकी बहन को दादा और पिता से प्रेरणा मिली जो सेना में थे. संजय ने कहा, “आप कह सकते हैं कि देशभक्ति हमारे खून में है. स्कूल खत्म करने के बाद सोफिया ने वडोदरा में एम एस यूनिवर्सिटी से बायोकेमिस्ट्री में बीएससी और फिर एमएससी किया, क्योंकि वह प्रोफेसर बनना चाहती थी.” इस बीच, उसका चयन शॉर्ट सर्विस कमीशन (एसएससी) के माध्यम से भारतीय सेना में हो गया और उसने सेना में शामिल होने के लिए अपनी पीएचडी और शिक्षण करियर छोड़ने का फैसला किया.”

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सोफिया के पति भी हैं सेना में

सोफिया ने पति भी भारतीय सेना में हैं. उनका नाम मेजर ताजुद्दीन कुरैशी है. सोफिया के पति भारतीय सेना की मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री में अधिकारी हैं. कर्नल सोफिया ने 1997 में मास्टर्स किया और फिर सेना की सिग्नल कोर में शामिल हो गईं.

कर्नल सोफिया की उपलब्धि

2016 में कर्नल सोफिया ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की, जब वह विदेश में भारतीय सैन्य टुकड़ी का नेतृत्व करने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं। वह ‘फोर्स 18’ में भाग लेने वाले 18 देशों में एकमात्र महिला कमांडर बनीं, जो आसियान प्लस देशों का एक बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास है. इसके अलावा, संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों के तहत छह वर्ष के कार्यकाल के दौरान 2006 में उन्हें कांगो में तैनात किया गया था.

सोफिया की सैलरी

कर्नल सोफिया का मूल वेतन लगभग 130600 से 215900 रुपये प्रति माह हो सकता है. जबकि उन्हें महंगाई भत्ता, विशेष भत्ते भी मिलते हैं. एक कर्नल का मासिक वेतन 2 लाख से अधिक हो सकता है.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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