केजरीवाल ने फाड़ा कृषि बिल, भाजपा बोली - दिमाग की बत्ती है गुल, नौटंकी कर रहे फुल

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी नये कृषि कानूनों का विरोध करते हुए विधानसभा में बिल फाड़कर विरोध दर्ज किया. भाजपा ने अरविंद केजरीवाल के इस विरोध पर कहा कि अगर किसान कानूनों का विरोध कर रहे थे तो इसे पहले क्यों अपनाया. अगर विरोध था तो पहले ही कहना चाहिए था.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी नये कृषि कानूनों का विरोध करते हुए विधानसभा में बिल फाड़कर विरोध दर्ज किया. भाजपा ने अरविंद केजरीवाल के इस विरोध पर कहा कि अगर किसान कानूनों का विरोध कर रहे थे तो इसे पहले क्यों अपनाया. अगर विरोध था तो पहले ही कहना चाहिए था.

भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता गौरव भाटिया ने एक टीवी न्यूज चैनल से बातचीत करते हुए कहा, दिल्ली के मुख्यमंत्री ने पहले कृषि कानूनों का विरोध किया. इसे केजरीवाल सरकार ने अधिसूचित किया है. अगर इस कानून को लेकर विरोध था तो पहले भी जाहिर करना चाहिए था. इनके विरोध को लेकर एक ही बात कही जा सकती है. इनके दिमाग की बत्ती है गुल और नौटंकी कर रहे हैं फुल.

Also Read: कृषि कानूनों की प्रति फाड़कर आप विधायक ने किया विरोध कहा, काला कानून किसानों के खिलाफ

अगर इस बिल को लेकर विरोध है तो इसका अपना तरीका है. किसी को परेशानी ना पहुंचाते हुए विरोध करना चाहिए. राजनीतिक पार्टियां इसे मौका समझ कर राजनीति कर रही है. दूसरी तरफ अरविंद केजरीवाल ने कहा, दिल्ली विधानसभा ने इन तीनों बिल का विरोध किया है . इस कानून को नकार दिया है.

हम केंद्र सरकार से भी अपील करते हैं कि इन तीन कानूनों को वापस ले. इस कानून के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों में 20 लोगों की मौत हो चुकी है. अगर औसत निकाले तो हर दिन एक किसान शहीद हो रहा है.

Also Read: टिकरी बोर्डर पर एक और किसान की मौत, 22 दिनों से आंदोलन में था शामिल

विधानसभा में अरविंद केजरीवाल ने कहा, इस महामारी के दौरान इस कानून को पास करने की जल्दबाजी क्या थी . यह पहली बार हुआ है जब तीन कानून बगैर मत के सिर्फ ध्वनि मत से पास कर दिये गये. मैं केंद्र सरकार से अपील करता हूं कि ब्रिटिश काल से भी खराब ना बनें

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >