Kerala Election : केरल में कांग्रेस के अंदर सबकुछ ठीक नहीं है. अब तक 92 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान पार्टी कर चुकी है. गुरुवार (19 मार्च) को जारी दूसरी लिस्ट में 37 नाम शामिल हैं, लेकिन इसमें किसी भी सांसद को जगह नहीं दी गई. बताया जा रहा है कि सीट बंटवारे और सांसदों की मांगों को लेकर कई दिनों तक पार्टी के अंदर चर्चा चलती रही. इसी बीच बुधवार (18 मार्च) देर रात कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के घर एक अहम बैठक हुई, जो रात 10:30 बजे शुरू होकर करीब 2:30 बजे तक चली. सूत्रों के हवाले से इंडिया टुडे ने यह खबर प्रकाशित की है. खबर में बताया गया है कि राहुल गांधी ने टिकट बंटवारे के तरीके पर सवाल उठाए थे, जिसके बाद इतनी देर रात यह बैठक बुलानी पड़ी.
राहुल गांधी उम्मीदवार चुनने के तरीके से संतुष्ट नहीं
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी उम्मीदवार चुनने के शुरुआती तरीके से संतुष्ट नहीं थे. उनका कहना था कि सिर्फ राज्य इकाई की सिफारिशों पर निर्भर रहने के बजाय प्रक्रिया ज्यादा व्यवस्थित होनी चाहिए. उन्होंने मांग की कि केंद्रीय चुनाव समिति के सामने उम्मीदवारों को लेकर पूरी जानकारी रखी जाए, जिसमें जातीय समीकरण, पिछले चुनाव का प्रदर्शन और जमीनी फीडबैक जैसी अहम बातों को भी शामिल किया जाए.
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बैठक में किस बात पर हुई चर्चा
लंबी चली इस बैठक में सांसदों के विधानसभा चुनाव लड़ने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई. पार्टी नेतृत्व ने तय किया कि सांसदों को इस बार चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी, क्योंकि इससे उपचुनाव की स्थिति बन सकती है. जनता के बीच नेतृत्व को लेकर भ्रम भी पैदा हो सकता है. बैठक में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और केंद्रीय चुनाव समिति के अन्य वरिष्ठ नेता शुरू से अंत तक मौजूद रहे.
उम्मीदवार केसी वेणुगोपाल के करीबी
सूत्रों के मुताबिक केरल में कांग्रेस की चुनावी तैयारियों में पार्टी के महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल का काफी प्रभाव दिख रहा है. बताया जा रहा है कि टिकट बंटवारे में उनकी मजबूत पकड़ रही और करीब 60 फीसदी उम्मीदवार उनके करीबी माने जा रहे हैं.
