कर्नाटक में विपक्ष के नेता सिद्धरमैया का आरएसएस पर आरोप, ‘गंदी राजनीति ' करने में जुटा है संघ परिवार

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कहा कि यदि कोई गंदी राजनीति कर रहा है तो वह संघ परिवार एवं भाजपा है. कांग्रेस ने इस देश में कभी गंदी राजनीति नहीं की. जिस पार्टी ने देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी, क्या वह पार्टी गंदी राजनीति करेगी?

मैसुरु : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धरमैया ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नेताओं पर ‘गंदी राजनीति’ करने तथा महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे का महिमामंडन करने का आरोप लगाया. कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता सिद्धरमैया ने यहां अपने पिछले निर्वाचन क्षेत्र ‘वरुणा’ में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी आलाकमान उन्हें जहां से भी 2023 का विधानसभा चुनाव लड़ने को कहेगा, वह वहां से लड़ेंगे, लेकिन वह उनकी (इस निर्वाचन क्षेत्र की जनता की) सेवा के लिए हमेशा उपलब्ध रहेंगे. वरुणा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व फिलहाल सिद्धरमैया के बेटे यतींद्र कर रहे हैं.

गणेश शोभायात्रा में गोडसे का पोस्टर लेकर चलते हैं

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कहा कि यदि कोई गंदी राजनीति कर रहा है तो वह संघ परिवार एवं भाजपा है. कांग्रेस ने इस देश में कभी गंदी राजनीति नहीं की. जिस पार्टी ने देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी, क्या वह पार्टी गंदी राजनीति करेगी? ये लोग गणेश शोभायात्रा में नाथूराम गोडसे के पोस्टर को लेकर चलते हैं, जिसने महात्मा गांधी की हत्या की थी. क्या यह गंदी राजनीति नहीं है?

सीएम बोम्मई पर किया पलटवार

सिद्धरमैया ने मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई पर पलटवार करते हुए कहा कि उनकी क्या नैतिकता है? गंदी राजनीति से उनका क्या मतलब है? क्या उनके भ्रष्टाचार की ओर इंगित करना गंदी राजनीति है? क्या उनके 40 फीसदी कमीशन वाले भ्रष्टाचार को उजागर करना गंदी राजनीति है?’् कांग्रेस नेताओं पर उनके ‘पे सीएम’ अभियान को लेकर प्रहार करते हुए बोम्मई ने हाल में कहा था कि सबसे पुरानी पार्टी की यह गंदी राजनीति है.

आरएसएस में लोकतंत्र नहीं

सिद्धरमैया ने वरुणा में बाद में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि केवल एक जाति के लोग ही आरएसएस प्रमुख बन सकते हैं और उस संगठन में लोकतंत्र नहीं है. उन्होंने सवाल किया कि यदि मैं आज वकील हूं, यदि मैं विधायक या मंत्री बना हूं, तो यह संविधान के कारण ही हो पाया है. यदि अनुसूचित जनजाति की द्रौपदी मुर्मू देश के शीर्ष पद पर आसीन हुई हैं और राष्ट्रपति बनी हैं, तो यह संविधान के कारण हो पाया है. क्या वे अनुसूचित जनजाति के किसी व्यक्ति को आरएसएस प्रमुख बनाएंगे.

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आरएसएस में संविधान कहा हैं

सिद्धरमैया ने आरोप लगाया कि किसी व्यक्ति को आरएसएस प्रमुख बनने के लिए उसे किसी खास जाति से होना चाहिए. उन्होंने कहा कि 1925 से आज तक क्या 97 वर्षों में एक जाति को छोड़कर किसी अन्य जाति का कोई व्यक्ति उसका प्रमुख बना है?” उन्होंने कहा कि क्या वहां (आरएसएस में) संविधान है? क्या वहां संविधान लागू होता है? बाबासाहब आंबेडकर कहा करते थे कि मैं हिंदू के रूप में पैदा हुआ, मैंने उसकी व्यवस्था को बदलने की बहुत चेष्टा की, लेकिन मैं विफल रहा. मैं हिंदू के तौर पर नहीं मरना चाहूंगा. सिद्धरमैया ने यह भी कहा कि वरुणा ऐसा निर्वाचन क्षेत्र है, जिसने उन्हें मुख्यमंत्री बनाया और वह इस निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं को कभी भूल नहीं सकते तथा वह हमेशा उनके कृतज्ञ रहेंगे.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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