Karnataka Bandh : दिल्ली में किसानों के प्रदर्शन के बाद अब कर्नाटक में भी बढ़ी बीजेपी सरकार की मुसीबत, कन्नड़ ग्रुप के बंद से ठहर गयी मेट्रो ट्रेन

Karnataka bandh, Pro-Kannada groups, Maratha Development Authority, Metro service disrupted, 100 history-sheets detained कन्नड़ समर्थक संगठनों ( Pro-Kannada groups ) द्वारा बुलाये गये कर्नाटक बंद (Karnataka Bandh ) का व्यापक असर दिखने लगा है. सड़कों सुनसान नजर आ रही हैं, तो बंद से मेट्रो सेवा भी बाधित हुई हैं. स्टेशनों पर सन्नाटा पसरा हुआ है. लंबी दूरी की बसें भी नहीं चल रही हैं.

दिल्ली में एक ओर किसानों के प्रदर्शन से नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली केंद्र सरकार मुसीबत में फंसी हुई है, तो दूसरी ओर कर्नाटक में भी बीजेपी सरकार की मुश्किलें बढ़ गयी हैं. कन्नड़ ग्रुप ने आज पूरे राज्य में बंद बुलाया है. कन्नड़ समर्थक संगठनों ( Pro-Kannada groups ) द्वारा बुलाये गये कर्नाटक बंद (Karnataka Bandh ) का व्यापक असर दिखने लगा है. सड़कों सुनसान नजर आ रही हैं, तो बंद से मेट्रो सेवा भी बाधित हुई हैं. स्टेशनों पर सन्नाटा पसरा हुआ है. लंबी दूरी की बसें भी नहीं चल रही हैं.

कर्नाटक बंद क्यों ?

मालूम हो विभिन्न कन्नड़ समर्थक संगठनों ने मराठा विकास प्राधिकरण (Maratha Development Authority) के गठन के खिलाफ राज्य बंद किया है. इन संगठनों ने सरकार से एमडीए के गठन के फैसले को वापस लेने की मांग की. आंदोलन का नेतृत्व कर रहे नागराज ने कहा कि आंदोलन कन्नड़ गौरव के लिए है. नागराज ने कहा, मैं येदियुरप्पा को बताना चाहता हूं – आप ‘प्राधिकरण’ (एमडीए) के गठन के फैसले को वापस ले लें, मैं आपको विधान सौध में माला पहनाऊंगा, लेकिन हमें धमकी मत दीजिए. हम इससे डरेंगे नहीं. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बंद का समर्थन वापस लेने के लिए विभिन्न संगठनों को पुलिस का इस्तेमाल करने धमकी दी है लेकिन लेकिन यह धमकी काम नहीं करेगी.

मुख्यमंत्री ने बंद वापस लेने की थी अपील

मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने संगठनों से बंद वापस लेने की अपील की थी. उन्होंने कहा था, मैं वटल नागराज सहित सभी से अपील करता हूं कि कर्नाटक बंद से लोगों को परेशान न करें. इसकी आवश्यकता नहीं है. येदियुरप्पा ने कहा था कि वह सभी समुदायों को साथ लेकर चलने का हर संभव प्रयास कर रहे है. उन्होंने कहा कि वह कन्नड़ भाषा को प्रमुखता देने के लिए सब कुछ कर रहे है. मुख्यमंत्री ने 14 नवम्बर को घोषणा की थी और ‘मराठा लोगों के समग्र विकास’ के लिए 50 करोड़ रुपये निर्धारित किये थे.

कर्नाटक बंद को इनका मिला समर्थन

फिल्म निर्माता सा रा गोविंदू, कर्नाटक रक्षा वेदिके के विभिन्न धड़ों, ओला-उबर ड्राइवर एसोसिएशन और कुछ ऑटो रिक्शा यूनियनों ने बंद को अपना समर्थन दिया है. हालांकि सरकारी कार्यालय, होटल, बस सेवा और मेट्रो सेवाएं खुली रहेंगी.

बंद को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम

बंद के आह्वान के मद्देनजर पुलिस ने किसी भी अप्रिय घटना को टालने के लिए पूरे राज्य में सुरक्षा को बढ़ा दिया है. बेंगलुरु में लगभग 14 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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