Kaamya Karthikeyan ने 7 महाद्वीपों की 7 ऊंची चोटियों पर चढ़ रचा इतिहास, वर्ल्ड रिकॉर्ड

Kaamya Karthikeyan climbing 7 highest peaks 7 continents: भारत की एक स्कूली छात्रा काम्या कार्तिकेयन ने पर्वतारोहण में इतिहास रच डाला है. उन्होंने 7 महाद्वीपों की 7 सबसे ऊंची चोटी पर फतह हासिल कर ली है. काम्या के नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज हो गया है.

Kaamya Karthikeyan climbing 7 highest peaks 7 continents: मुंबई के नेवी चिल्ड्रन स्कूल की कक्षा 12वीं की छात्रा सुश्री काम्या कार्तिकेयन ने 7 महाद्वीपों की 7 सबसे ऊंची चोटियों पर चढ़ने वाली दुनिया की सबसे कम उम्र की महिला पर्वतारोही बन गई हैं. युवा एवरेस्टर ने 24 दिसंबर 2014 को चिली के मानक समय के अनुसार 5:20 बजे माउंट विंसेंट अंटार्कटिका की चोटी पर पहुंचकर 7 शिखरों की चुनौती पूरी की. भारतीय नौसेना ने काम्या की इस बड़ी उपलब्धि पर बधाई देते हुए ट्वीट किया. एक्स पर लिखा, भारतीय नौसेना सुश्री काम्या कार्तिकेयन और उनके पिता को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को हासिल करने पर बधाई देती है.

13 साल की उम्र में काम्या ने शुरू की थी अपनी यात्रा

काम्या कार्तिकेयन ने पर्वतों की ऊंची चोटी पर विजय प्राप्त करने के लिए अपनी यात्री महज 13 साल की उम्र में शुरू की थी. इससे पहले उन्होंने अपने पिता कमांडर एस कार्तिकेयन जो भारतीय नौसेना में अधिकारी हैं, के साथ 20 मई 2024 को माउंट एवरेस्ट (8849 मीटर) पर चढ़कर इतिहास रचा था. काम्या सबसे कम उम्र में एवरेस्ट फतह करने वाली महिला पर्वतारोही बनी थी.

काम्या की उपलब्धियों में ये चोटियां हैं शामिल

माउंट किलिमंजारो ( 5895 मीटर, अफ्रीका)
माउंट एल्ब्रुस ( 5642 मीटर, यूरोप)
माउंट कोसियस्जको ( 2228 मीटर, ऑस्ट्रेलिया)
माउंट अकोंकागुआ ( 6961 मीटर, दक्षिण अमेरिका)
माउंट डेनाली (6190 मीटर, उत्तर अमेरिका)
माउंट एवरेस्ट (8849 मीटर, एशिया)
विंसन मैसिफ (4892 मीटर, अंटार्कटिका)

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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