स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से आज वैक्सीन की बर्बादी को लेकर जारी आंकड़ों पर झारखंड के मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से स्थिति स्पष्ट की गयी है. मुख्यमंत्री कार्यालय झारखंड की ओर से यह कहा गया है कि झारखंड सरकार के पास आज तक टीके की जितनी खुराक थी उसके अनुसार वैक्सीन की बर्बादी मात्र 4.65% हुई है. तकनीकी समस्याओं के कारण वैक्सीनेशन डेटा को कोविन एप पर पूरी तरह अपडेट नहीं किया जा सका है. अभी अपडेट करने की प्रक्रिया जारी है.
वहीं छत्तीसगढ़ की ओर से यह कहा गया है कि वैक्सीन को लेकर आज जो डेटा जारी किया गया है वह गलत है. हमने इस बारे में केंद्र सरकार को पहले भी सूचित किया है. हम उनके साथ मिलकर आंकड़ों को सुधारने के काम में जुटे हैं.
गौरतलब है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से आज एक आंकड़ा जारी किया गया है जिसमें यह कहा गया है कि देश में वैक्सीन की बर्बादी के मामले में झारखंड नंबर वन पोजिशन पर है जहां 37.3 प्रतिशत और छत्तीसगढ़ में 30.2 प्रतिशत वैक्सीन की बर्बादी होती है
इसके बाद तमिलनाडु (15.5 प्रतिश) वैक्सीन की बर्बादी में तीसरे नंबर पर है. जबकि जम्मू कश्मीर (10.8 प्रतिशत) चौथे और मध्य प्रदेश (10.7 प्रतिशत) पांचवें नंबर पर हैं. केंद्र सरकार ने राज्यों कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि वैक्सीन की बर्बादी कम से कम हो. केंद्र सरकार ने यह कहा है कि हमने राज्यों को यह निर्देश दिया है कि वैक्सीन की बर्बादी एक प्रतिशत से कम हो.
आज जारी आंकड़ों के अनुसार देश में अब तक 20 करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगाया जा चुका है, जिनमें वैक्सीन की एक और दोनों खुराक लेने वाले लोग शामिल हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि केंद्र सरकार ने अब तक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 22,00,59,880 वैक्सीन की खुराक निशुल्क प्रदान की है. इनमें से 26 मई सुबह 8 बजे तक 20,13,74,636 खुराक इस्तेमाल की जा चुकी है. मंत्रालय ने कहा कि 1,77,52,594 वैक्सीन की डोज अभी भी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पास हैं. जबकि 1 लाख वैक्सीन के डोज अगले तीन दिन में राज्यों को मिल जायेंगे.
Posted By : Rajneesh Anand
