गाजा में लगातार बमबारी के बीच इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने घुमाया पीएम मोदी को फोन, जानें क्या हुई बात

Israel Hamas war: गत शनिवार को इजराइल की सीमा से लगते गाजा के इलाकों में शुरू हुई भारी बमबारी रात भर में गाजा सिटी के केंद्र तक फैल गयी है. अगर यह बमबारी जारी रहती है तो गाजा के नागरिकों के पास शरण लेने के लिए बहुत कम इलाके बचेंगे क्योंकि ज्यादातर इलाकों में रहने लायक परिस्थितियां नहीं हैं.

Israel Hamas war: इजराइल के युद्धक विमानों ने युद्ध के चौथे दिन मंगलवार सुबह गाजा सिटी में लगातार बमबारी की. यह इलाका आतंकवादी संगठन हमास द्वारा संचालित सरकार का केंद्र है. इस बीच इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमास के खिलाफ जवाबी हमलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन घुमाया और मौजूदा परिस्थिति के संबंध में जानकारी दी. पीएम मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत आतंकवाद के सभी स्वरूपों की पुरजोर और कड़ी निंदा करता है.

सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा कि मैं प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के फोन कॉल के लिए और मौजूदा हालात पर जानकारी देने के लिए उन्हें शुक्रिया अदा करता हूं… भारत की जनता इस मुश्किल घड़ी में मजबूती से इजराइल के साथ खड़ी है. भारत आतंकवाद के सभी स्वरूपों की पुरजोर और कड़ी निंदा करता है. आपको बता दें कि हमास के आतंकियों के द्वारा गत शनिवार को इजराइल पर किये गये अभूतपूर्व हमले के बाद इजराइल के युद्धक विमान गाजा पर निशाना साध रहे हैं.

इधर इजराइल के युद्धक विमानों ने युद्ध के चौथे दिन मंगलवार सुबह गाजा सिटी में लगातार बमबारी की जो आतंकवादी संगठन हमास द्वारा संचालित सरकार का केंद्र है. यह कार्रवाई तब की गयी है जब इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस्लामिक आतंकवादी समूह से ऐसा बदला लेने का संकल्प लिया है जिसकी ‘‘गूंज कई पीढ़ियों तक सुनायी देगी.’’ पिछले चार दिन से जारी इस युद्ध में कम से कम 1,600 लोगों की मौत हो चुकी है. इजराइल की सड़कों पर कई दशकों में पहली बार ऐसा खूनखराबा देखा जा रहा है और इसके जवाब में गाजा में कई इलाके नेस्तनाबूद कर दिए गए.

गौर हो कि हमास ने यह कहकर तनाव और बढ़ा दिया है कि अगर बिना पूर्व चेतावनी के नागरिकों को निशाना बनाकर हमले किए जाते हैं, तो वह बंधक बनाए गए इजराइलियों को मौत के घाट उतार देगा. इजराइली सेना ने देश के दक्षिणी हिस्से में ज्यादातर जगहों पर फिर से नियंत्रण कर लेने का दावा करते हुए कहा कि हमास के करीब 1500 आतंकवादियों के शव इजराइली क्षेत्र में पाए गए हैं.

इजराइल ने कहा कि हमास और गाजा में अन्य आतंकवादी समूहों ने हमले के बाद उसके 150 से अधिक सैनिकों तथा नागरिकों को बंधक बना लिया. इजराइल के 3,00,000 अतिरिक्त सैनिकों को तैनात करने के बाद एक बड़ा सवाल खड़ा होता है कि क्या वह छोटे से भूमध्यसागरीय तटीय क्षेत्र गाजा में जमीनी आक्रमण शुरू करेगा. उसने आखिरी बार 2014 में जमीनी आक्रमण किया था.

इजराइल ने और आक्रमण रोकने के लिए गाजा सीमा पर टैंक और ड्रोन तैनात किए हैं. गाजा के पास 12 से अधिक शहरों से हजारों इजराइलियों को निकाला गया है. वहीं, गाजा में लगातार जारी हवाई हमलों में इमारतों के जमींदोज होने के कारण हजारों निवासी अपने घरों को छोड़कर चले गए हैं. इजराइल के रविवार को युद्ध की औपचारिक घोषणा करने के साथ ही ये कदम हमास के खिलाफ अभियान तेज करने का संकेत है जिससे घनी आबादी वाले गाजा पट्टी में व्यापक विनाश का खतरा पैदा हो गया है.

नेतन्याहू ने राष्ट्रीय टेलीविजन पर दिए संबोधन में कहा कि हमने हमास पर हमला करना अभी तो शुरू ही किया है. हम आने वाले दिनों में अपने दुश्मनों के साथ जो करेंगे, उसकी गूंज कई पीढ़ियों तक सुनाई देगी. इजराइली सेना ने कहा कि उसने रातभर गाजा सिटी के रीमल इलाके में हमास के सैकड़ों ठिकानों को निशाना बनाया. इस इलाके में हमास के कई मंत्रालय और इमारतें हैं. रीमल में व्यापक पैमाने पर विनाश से यह संकेत मिलता है कि गाजा में इजराइल की नयी रणनीति ये हो सकती है कि नागरिकों को कुछ इलाकों को खाली करने की चेतावनी दी जाए और फिर उन इलाकों में अभूतपूर्व तीव्रता के हवाई हमले किए जाए.

भाषा इनपुट के साथ

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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