बड़ी कामयाबी : भारतीय वैज्ञानिकों ने पहली बार ली कोरोना की तस्वीर

दुनियाभर में कोरोना वायरस के तेजी से बढ़ते मामलों के बीच भारतीय वैज्ञानिकों को एक बड़ी कामयाबी मिली है. वैज्ञानिकों ने पहली बार कोविड-19 की एक माइक्रोस्कोपी तस्वीर ली है.

दुनियाभर में कोरोना वायरस के तेजी से बढ़ते मामलों के बीच भारतीय वैज्ञानिकों को एक बड़ी कामयाबी मिली है. वैज्ञानिकों ने पहली बार कोविड-19 की एक माइक्रोस्कोपी तस्वीर ली है. उन्होंने केरल में 30 जनवरी को सामने आये कोरोना के पहले मरीज के गले की खराश के नमूने से यह तस्वीर ली है.

इसे भारतीय चिकित्सा अनुसंधान जर्नल (आइजेएमआर) के नवीनतम संस्करण में प्रकाशित किया गया है. नये कोरोना वायरस (सार्स-कोव-2) की तस्वीर मेर्स और सार्स से काफी मिलती-जुलती है. आइसीएमआर के पूर्व डायरेक्टर जनरल डॉ निर्मल गांगुली के मुताबिक, ये तस्वीरें काफी जटिल हैं, जो आनुवांशिक तौर पर कोरोना की उत्पत्ति और इसके विकास से जुड़ी कई अहम बातें समझने में मदद करेंगी.

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By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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