नयी दिल्ली : भारत-चीन सीमा पर जारी तनाव के बीच आज भारत में स्थित चीनी दूतावास ने बयान जारी किया है. बयान में कहा गया है कि भारतीय सेना ने एलएसी को क्रॉस किया. अपने बयान में चीन ने राजनीतिक गुस्सा जताते हुए भारत से कहा कि वे अपने सैनिकों को नियंत्रित करे. इधर चीन की हरकतों के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल उच्च स्तरीय बैठक कर रहे हैं. वे भारत-चीन सीमा की स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं. खबर है कि रक्षा मंत्रालय की ओर से आज एक और उच्च स्तरीय बैठक बुलायी जा सकती है. गौरतलब है कि कल पैंगोग झील के निकट चीनी सेना ने भारतीय इलाके में घुसपैठ की कोशिश की थी, जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया था.
उस घटना को लेकर ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि भारत ने कल की झड़प के बाद जो बयान दिया उससे यह साफ जाहिर है कि भारतीय सेना ने पहले संघर्ष शुरू किया. अखबार ने लिखा है कि भारत अपनी समस्याओं से परेशान है. वहां कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, अर्थव्यवस्था की स्थिति खराब है इसलिए वह सीमा पर उकसाने वाली हरकत करके अपने लोगों का ध्यान मूल मुद्दों से हटाना चाहता है.
चीन अपना दोहरा चेहरा खुद ही उजागर करता है, एक ओर तो ग्लोबल टाइम्स और चीनी दूतावास ऐसे बयान दे रहा है वहीं ग्लोबल टाइम्स के अनुसार ही विदेश मंत्री वांग यी ने फ्रांस में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि हम भारत के साथ वार्ता के लिए हमेशा तैयार है. उन्होंने आगे कहा कि सीमा पर शांति स्थापित करने के लिए चीन सरकार प्रतिबद्ध है.
वांग यी ने कहा, चीन और भारत के बीच सीमा का अभी तक सीमांकन नहीं किया गया है. इसलिए समस्याएं हैं. चीन अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करेगा और भारतीय पक्ष के साथ बातचीत के माध्यम से सभी प्रकार के मुद्दों का प्रबंधन करने के लिए तैयार है.
इधर आज भारत और चीन के बीच सुबह से ब्रिगेड कमांडर स्तर की बातचीत हो रही है, लेकिन इसका ब्यौरा अभी नहीं मिला है. हालिया विवाद 29/30 अगस्त की रात को तब शुरू हुआ जब चीनी सेना ने भारतीय इलाके में घुसपैठ की कोशिश की, लेकिन भारतीय सेना पूरी तरह मुस्तैद थी और उनकी कोशिश नाकाम हुई. सेना के पीआरओ ने कल यह जानकारी दी थी. इधर चीन की हरकतों को देखते हुए सरकार ने सीमा पर सेना की तैनाती बढ़ा दी है और सेना हाई अलर्ट पर है.
Posted By : Rajneesh Anand
