भारत में 75वें स्वतंत्रता दिवस के खास अवसर पर बहुत कुछ बदला दिखा. सबसे खास बदलावों में एक कम्युनिस्ट पार्टी (CPI-M) से जुड़ा. कभी कम्युनिस्ट पार्टी ने हमें लंबे संघर्ष के बाद मिली आजादी को झूठा करार दिया था. दरअसल, उसी कम्युनिस्ट पार्टी के दिल्ली स्थित दफ्तर पर पहली बार तिरंगा फहराया गया. देश की राजधानी दिल्ली से लेकर समूचे पश्चिम बंगाल में पार्टी के दफ्तर और दूसरे राज्यों में भी स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भारतीय तिरंगा लहराता दिखा.
पश्चिम बंगाल की बात करें तो यहां लंबे समय तक शासन करने वाली मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPIM) ने धूमधाम से स्वतंत्रता दिवस मनाया. पार्टी के मुताबिक स्टेट कमेटी के दफ्तर के साथ-साथ राज्य भर में सीपीएम के जितने भी कार्यालय हैं, वहां तिरंगा फहराया गया है. पार्टी ने निर्देश जारी भी किया था. यह पहला मौका है, जब सीपीएम के तमाम ऑफिस में तिरंगा फहराया गया.
पार्टी ने स्वाधीनता के 75वें वर्ष पर अलग-अलग कार्यक्रम भी आयोजित किया. पार्टी के मुताबिक ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ का जश्न मनाया जा रहा है. यह कार्यक्रम सालभर तक चलेगा. माकपा के मुताबिक इस दौरान धर्मनिरपेक्षता, लोकतंत्र, सांप्रदायिकता का खतरा, आजादी में कम्युनिस्टों की भूमिका का पूरे साल प्रचार-प्रसार किया जाएगा. लोगों को जानकारी दी जाएगी.
साल भर तक जश्न मनाएगी सीपीआईएम
दरअसल, ‘ये आजादी झूठी है, देश की जनता भूखी है’ का नारा देने वाले लेफ्ट पार्टियों की जब बंगाल में सरकार और ज्योति बसु सीएम बने. लंबे समय तक उन्होंने बंगाल के सचिवालय राइटर्स बिल्डिंग में तिरंगा नहीं फहराया. बाद में माकपा की नीति में बदलाव आया और लेफ्ट सरकार तिरंगा फहराने लगी. अभी तक पार्टी दफ्तरों पर केवल पार्टी का झंडा ही लहराता था.
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खास बात यह है कि तिरंगा को सलामी देने की बजाए सीपीएम पार्टी के झंडा को लाल सलाम किया जाता था. इस बार उनकी नीति में बदलाव आया है. माकपा अपने सभी दफ्तरों पर तिरंगा फहरा रही है. स्वाधीनता के 75 साल मना रही है. बताते चलें कि मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने ऐलान किया है कि आजादी का अमृत महोत्सव पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाएगा.
