हाथरस में 19 वर्षीया दलित किशोरी से बलात्कार मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की और कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाये. इससे पहले योगी आदित्यनाथ ने घटना के लिए दोषी व्यक्तियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाने और प्रभावी पैरवी करने के स्पष्ट निर्देश दिये हैं.
साथ ही मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा है कि हाथरस की घटना को लेकर जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी गठित की गयी है. जांच को लेकर गृह विभाग के सचिव भगवान स्वरूप के नेतृत्व में टीम गठित की गयी है. वह एसआईटी के अध्यक्ष होंगे. जबकि, पुलिस उपमहानिरीक्षक चंद्रप्रकाश और आगरा पीएसी की सेनानायक पूनम टीम के सदस्य होंगे. यह एसआईटी सात दिनों में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी.
इस बीच गैंगरेप पीड़िता के परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पीड़िता का रात में “जबरन” अंतिम संस्कार करा दिया. बता दे कि पीड़िता ने दिल्ली के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया. पीड़िता के एक भाई ने मंगलवार देर रात एक बजे फोन पर ‘पीटीआई भाषा’ से कहा, ‘‘पुलिस अंतिम संस्कार के लिए शव और मेरे पिता को जबरन अपने साथ ले गई. मेरे पिता जब हाथरस पहुंचे, पुलिस उन्हें तत्काल (शवदाहगृह) ले गई.
स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने हालांकि से कहा कि अंतिम संस्कार ‘‘परिवार की इच्छानुसार” किया गया है. अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उसे भर्ती कराया गया था. उसकी हालत और खराब होने के बाद उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भेजा गया, जहां उसने मंगलवार को दम तोड़ दिया. यह खबर फैलते ही नेताओं, खिलाड़ियों, कलाकारों एवं कार्यकर्ताओं समेत समाज के सभी वर्गों ने इस घटना पर रोष व्यक्त किया और न्याय की मांग की.
परिवार कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच मंगलवार रात को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से रवाना हुआ. शव को उत्तर प्रदेश पुलिस लेकर आई. पीड़िता के परिवार के एक सदस्य ने दावा किया कि शव परिवार के सदस्यों से पहले पहुंच गया था. पीड़िता के एक अन्य परिजन ने बताया कि 30 से 40 लोगों के साथ पीड़िता के पिता पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले में चंदपा पुलिस थाना क्षेत्र के बूल गढ़ी गांव के निकट शवदाहगृह गए थे. एक अधिकारी ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी भी रात में शवदाहगृह में मौजूद थे.
शोकाकुल परिवार के साथ घर पर मौजूद एक संबंधी ने कहा, ‘‘हमें यह समझ नहीं आ रहा, उन्हें क्या चाहिए… ये लोग कैसी राजनीति कर रहे हैं? उल्टे-सीधे बयान दे रहे हैं कि लड़की का बलात्कार नहीं हुआ… पता नहीं कि उन्हें क्या चाहिए.” उन्होंने कहा, ‘‘ये लोग मामले को शांत करने के लिए यह सब बोल रहे हैं.”
वहीं हाथरस के डीएम ने पीड़िता के परिवार के आरोपों को खारिज करत हुए कहा कि परिवार की सहमति के बिना अंतिम संस्कार किए जाने का आरोप गलत है. पिता और भाई ने रात में अंतिम संस्कार करने के लिए अपनी सहमति दी. अंतिम संस्कार के समय परिवार के सदस्य भी मौजूद थे. पीड़ित के शव को ले जाने वाले वाहन 12:45 बजे से 2:30 बजे तक गांव में मौजूद थे.
Posted By: Pawan Singh
