Video : कोमा में वेंटिलेटर के सहारे सांस ले रहे 32 साल के हरीश राणा को शनिवार को गाजियाबाद से दिल्ली के AIIMS शिफ्ट किया गया. सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें पैसिव यूथेनेशिया (इच्छामृत्यु) की अनुमति दी है. अब डॉक्टरों की निगरानी में धीरे-धीरे लाइफ सपोर्ट हटाया जाएगा, ताकि उनकी लंबे समय से चली आ रही तकलीफ का अंत हो सके. परिवार भी इस मुश्किल फैसले में उनके साथ खड़ा है. इससे पहले जो वीडियो सामने आया है वो आप भी देखें.
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में गाजियाबाद में राणा के घर का बेहद भावुक पल दिख रहा है. शुक्रवार को शूट किए गए इस वीडियो में उनकी ब्रह्माकुमारी बहन नम आंखों से उन्हें विदा करती नजर आती हैं. वह कहती हैं कि सबको माफ कर दो, सबसे माफी मांग लो, अब जाने का समय आ गया है. सब ठीक है.
परिवार का ब्रह्माकुमारी सेंटर से पुराना जुड़ाव
हरीश राणा के परिवार के लोग (खासकर उनके पिता अशोक राणा) पिछले 10 से ज्यादा साल से उनकी पूरी लगन से देखभाल कर रहे हैं. परिवार का ब्रह्माकुमारी सेंटर से भी पुराना जुड़ाव है. 13 मार्च को ब्रह्माकुमारी की आध्यात्मिक नेत्री सिस्टर कुमारी लवली दीदी उनके घर पहुंचीं, हरीश को तिलक लगाया और उनके लिए प्रार्थना की.
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13 साल पहले गिरने की वजह से हरीश को गंभीर दिमागी चोट लगी थी. इसके बाद से वह इसी हालत में थे. डॉक्टरों का कहना था कि उनकी स्थिति ठीक होना संभव नहीं है. हरीश Panjab University में इंजीनियरिंग के छात्र थे. फुटबॉल खेलने के शौकीन थे और काफी एक्टिव थे. साल 2013 में अपने पीजी से चौथी मंजिल से गिरने के बाद उनके सिर में गंभीर चोट लग गई. इसी हादसे के बाद से वह कोमा में चले गए.
