दिल्ली के सीएम Arvind Kejriwal की बढ़ी मुश्किलें, अब गोवा पुलिस ने भेजा समन, 27 अप्रैल को पेशी के लिए बुलाया

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरिवाल एकबार फिर मुश्किलों में घिरते नजर आ रहे हैं, इस बार केजरिवाल को गोवा पुलिस ने समन किया है. गोवा पुलिस ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को समन जारी कर 27 अप्रैल को पेश होने के लिए कहा.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरिवाल एकबार फिर मुश्किलों में घिरते नजर आ रहे हैं, इस बार केजरिवाल को गोवा पुलिस ने समन किया है. गोवा पुलिस ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को समन जारी कर 27 अप्रैल को पेश होने के लिए कहा. अरविंद केजरीवाल के खिलाफ सरकारी संपत्ति और सार्वजनिक जगहों पर अवैध रूप से चुनावी पोस्टर बनाने और लगाने का केस दर्ज है. समन के मुताबिक, उन्हें पेरनेम पुलिस के सामने पेश होना होगा.

पुलिस के पास पूछताछ के उचित आधार 

पेरनेम पुलिस ने अपने नोटिस में कहा कि हमारे पास अरविंज केजरीवाल से सवाल करने के उपयुक्त कारण है. केजरीवाल को जारी किए गए नोटिस में गोवा पुलिस ने कहा, ‘‘संपत्ति के विरूपण के एक मामले की जांच के दौरान, यह पता चला है कि मौजूदा जांच के संबंध में आपसे तथ्यों और परिस्थितियों की जानकारी लेने के लिए आपसे पूछताछ करने के उचित आधार है.

अरविंद केजरिवाल पर आरोप 

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पेरनेम पुलिस विधानसभा चुनाव प्रचार अभियान के दौरान सार्वजनिक स्थलों की दीवारों पर कथित रूप से चुनावी पोस्टर चिपकाने के लिए गोवा संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामले की जांच कर रही है. इसी को लेकर गोवा पुलिस ने कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर के सेक्शन 41 (A) तहत केजरीवाल को नोटिस भेजा है. बता दें कि इस इलेक्शन में अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ने 2 सीटें जीती थी.

अबतक आम आदमी पार्टी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई 

आपको बाताएं कि, पेरनेम पुलिस थाने के निरीक्षक दिलीप कुमार हलर्नकर ने ये नोटिस भेजा है. दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 41 (ए) (कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर) के तहत पुलिस किसी व्यक्ति को पूछताछ के लिए बुला सकती है यदि ‘उचित’ शिकायत या संदेह है कि उसने अपराध किया है. फिलहाल पूरे मामले पर केजरीवाल ने अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

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By Abhishek Anand

'हम वो जमात हैं जो खंजर नहीं, कलम से वार करते हैं'....टीवी और वेब जर्नलिज्म में अच्छी पकड़ के साथ 10 साल से ज्यादा का अनुभव. झारखंड की राजनीतिक और क्षेत्रीय रिपोर्टिंग के साथ-साथ विभिन्न विषयों और क्षेत्रों में रिपोर्टिंग. राजनीतिक और क्षेत्रीय पत्रकारिता का शौक.

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