US-Israel vs Iran war : ईरान युद्ध के बीच खाड़ी क्षेत्र में फंसे भारतीयों के बारे में जानकारी देते हुए फाॅरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया के जनरल सेक्रेटरी मनोज यादव ने मीडिया को बताया कि जब युद्ध शुरू हुआ था, तो यह उम्मीद थी कि सऊदी अरब से लेकर होर्मुज स्ट्रेट तक लगभग 23, 000 भारतीय नाविक फंसे हुए हैं, लेकिन युद्ध के 23 दिन बीत जाने के बाद यह स्पष्ट रूप से बता पान मुश्किल हो रहा है कि इस क्षेत्र में कितने भारतीय फंसे हैं.
मुश्किलों का सामना कर रहे हैं भारतीय
होर्मुज स्ट्रेट से भारतीय जहाजों को बाहर तो निकाला जा रहा है, लेकिन अभी भी वहां कई जहाज फंसे हुए हैं. युद्ध की स्थिति गंभीर है और यह बता पाना मुश्किल है कि अभी कितने भारतीय इस क्षेत्र में फंसे हुए हैं. युद्ध कितने दिन चलेगा, इसकी कोई जानकारी नहीं है, जिसकी वजह से भारतीय नाविकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. उन्हें सेफ वाटर की समस्या हो रही है और उन्हें जहाज से बाहर भी नहीं जाने दिया जाता है.
परिवार से टूटा कनेक्शन, सही- सलामत घर वापसी चाहते हैं भारतीय
युद्ध की परेशानियों के बीच हर भारतीय यह चाहता है कि वह सही–सलामत अपने घर पहुंच जाए. वे सभी सही समय का इंतजार कर रहे हैं. पहले इन लोगों का फोन और व्हाट्सएप के जरिए अपने परिवार वालों से बात होता था, लेकिन अब इनका कनेक्शन टूट गया है. ऐसे में इन नाविकों की सुरक्षित वापसी बहुत जरूरी है. यह तो बात हुई सीमेन यूनियन की बात, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आंकड़ा जारी नहीं किया गया है, जिसमें यह बताया गया हो कि कुल कितने नाविक खाड़ी क्षेत्र में फंसे हैं. हां, सरकार ने यह जरूर माना है कि खाड़ी क्षेत्र में भारतीय नाव और नाविक फंसे हुए हैं.
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