Fact Check : गलती से एक क्लिक, हो जाएगा बैंक अकाउंट खाली, जान लें ये काम की बात

Fact Check : आपके पास भी दिनभर में कई मेल आते होंगे. इनमें से कुछ फेक मेल होते हैं जिनसे आपको सावधान रहने की जरूरत है. पीआईबी फैक्ट चेक ने एक्स पर इस संबंध में जानकारी शेयर की है. जान लें ये काम की बात ताकि आपको न हो कोई नुकसान.

Fact Check : क्या आप ईमेल यूज करते हैं? यह सवाल इसलिए क्योंकि इससे संबंधित एक फेक न्यूज के बारे में आपको हम आगे बताने जा रहे हैं. यदि आप ईमेल यूज करते हैं तो आपको दिनभर में कई मैसेज इसके माध्यम से आते होंगे. लेकिन क्या आपको कभी  e-PAN Card को लेकर मेल मिला है. यदि इसका जवाब ‘हां’ है तो आगे की खबर आपके काम की है. जी हां…इस फेक मेल के संबंध में पीआईबी फैक्ट चेक ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी दी है.

e-PAN Card को लेकर पीआईबी ने क्या कहा?

 e-PAN Card  को लेकर पीआईबी फैक्ट चेक ने एक्स पर लिखा–क्या आपको भी ई-पैन कार्ड डाउनलोड करने के लिए कोई ईमेल मिला है? यह मेल फेक है. ऐसे किसी भी ईमेल, लिंक, कॉल या एसएमएस का जवाब न दें, जो आपसे पैसों के संबंध में या संवेदनशील जानकारी शेयर करने के लिए कहे. इस मैसेज के बाद फिशिंग ईमेल की शिकायत दर्ज करने से संबंधित विवरण देने के संबंध में एक्स पर जानकारी दी गई है. जिस लिंक पर शिकायत करने को कहा गया है वो incometaxindia.gov.in है.

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फिशिंग क्या होता है?

फिशिंग एक धोखाधड़ी की तकनीक है, जिसमें साइबर अपराधी भरोसेमंद संस्थाओं या व्यक्तियों का रूप धारण कर लेते हैं और लोगों से संवेदनशील जानकारी जैसे यूजरनेम, पासवर्ड और क्रेडिट कार्ड विवरण चुरा लेते हैं. ये अपराधी अक्सर बैंक, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, ई-कॉमर्स साइट, ऑनलाइन पेमेंट सेवा या आईटी अथॉरिटी बनकर लोगों को भ्रमित करते हैं. इसका उद्देश्य डिजिटल कम्युनिकेशन के माध्यम से व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी हासिल करना होता है. सतर्क रहना ही इससे बचाव का सबसे अच्छा तरीका है.

ईमेल या इंस्टेंट मैसेजिंग से भेजे जाते हैं भ्रामक मैसेज

ऐसे भ्रामक मैसेज आमतौर पर ईमेल या इंस्टेंट मैसेजिंग से भेजे जाते हैं. ये यूजर को नकली वेबसाइटों पर ले जाते हैं जो असली साइट जैसी दिखती हैं. इन वेबसाइटों पर लोग गलती से अपनी गोपनीय जानकारी दर्ज कर देते हैं, जिससे उनकी प्राइवेसी या पैसों से संबंधित चीजों को लेकर सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है.

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लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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