राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. रेक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 3.2 मापी गई है. भूकंप का केंद्र नोएडा था. जानकारी के मुताबिक फिलहाल इस भूकंप से हुए नुकसान की कोई जानकारी नहीं है. हालांकि एहतियातन तौर पर लोग तुरंत घरों से बाहर निकल आए थे. दिल्ली-एनसीआर में एक हफ्ते में यह दूसरी बार है जब भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं.
इससे पहले 29 मई को दिल्ली-एनसीआर के अलावा कई राज्यों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.6 आंकी गई. गौरतलब है कि लॉकडाउन के दौरान दिल्ली- एनसीआर में आने वाला ये छठा भूकंप है.
अब तवाल उठता है कि आखिर भूकंप क्यों आता है. दरअसल, भूकंप आने के पीछे धरती के अंदर प्लेट्स होती हैं जो लगातार घूमती रहती हैं. ये प्लेट्स जिन जगहों पर ज्यादा टकराती हैं, उसे फॉल्ट लाइन जोन कहा जाता है. बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं. ज्यादा दबाव बनने लगता है तो ये प्लेट्स टूट जाती है, जिसके बाद एनर्जी बाहर आती है.
इसी के बाद भूकंप आता है. भारतीय उपमहाद्वीप में भूकंप के झटके महसूस होते रहते है. टेक्टॉनिक प्लेटों में टक्कर के कारण ही भारतीय उपमहाद्वीप में अक्सर भूकंप आते हैं. विशेषज्ञ मानते हैं कि भूजल में कमी से टेक्टॉनिक प्लेटों की गति में धीमी हुई है.
