DUSU Election: छात्र संघ चुनाव में लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों का सख्ती से होगा पालन

डीयू के मुख्य चुनाव अधिकारी और प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने मौरिस नगर के थाना प्रभारी के साथ मिलकर डूसू चुनाव 2025-26 के सुचारू संचालन के लिए प्रॉक्टर कार्यालय में डूसू पदाधिकारियों और छात्र प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक का आयोजन किया. इस बैठक में डूसू चुनाव समिति और प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने छात्र प्रतिनिधियों को आगामी डूसू चुनाव 2025-26 के दौरान कैंपस और अन्य सरकारी कार्यालय के बाहर पोस्टर नहीं लगाने को लेकर लिंगदोह कमेटी के दिशा निर्देश की जानकारी दी. इस दौरान छात्र संघ के प्रतिनिधियों को बताया गया है कि मौजूदा डूसू चुनाव में किसी तरह के पोस्टर लगाकर सरकारी भवन के दीवार को खराब करने की इजाजत नहीं दी जाएगी.

DUSU Election: दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में अंडर ग्रेजुएट कोर्स शुरू होने के साथ ही छात्र संघ चुनाव (DUSU) की सरगर्मी तेज हो गई है. इस बीच, डीयू प्रशासन ने चुनाव में मनमानी पर लगाम लगाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं. मुख्य चुनाव अधिकारी और प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने हाल ही में डूसू पदाधिकारियों और छात्र प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की. इसमें साफ कर दिया गया है कि इस बार चुनाव के दौरान लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों का सख्ती से पालन होगा.

पोस्टर-मुक्त चुनाव पर ‘जीरो टॉलरेंस’

पिछली बार के डूसू चुनाव में बड़े पैमाने पर दीवारों पर पोस्टर लगाए गए थे, जिसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनाव परिणामों पर रोक लगा दी थी. कोर्ट ने इसे एक गंभीर चिंता का विषय बताया था और डीयू प्रशासन को दोषी छात्र संगठनों पर जुर्माना लगाने का निर्देश दिया था.

इसी से सबक लेते हुए, इस बार डीयू प्रशासन ने पोस्टर-मुक्त चुनाव की नीति अपनाई है. बैठक में छात्र प्रतिनिधियों को स्पष्ट रूप से बता दिया गया है कि किसी भी सरकारी भवन या कैंपस की दीवारों पर पोस्टर लगाने की इजाजत नहीं होगी. प्रशासन इस मामले में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम करेगा.

प्रचार के लिए सिर्फ हाथ से लिखे पोस्टर

चुनाव में उम्मीदवारों को प्रचार के लिए केवल हाथ से लिखे पोस्टरों के इस्तेमाल की अनुमति होगी. साथ ही, उम्मीदवारों को एक निर्धारित व्यय सीमा के भीतर ही खर्च करना होगा, ताकि चुनाव में धनबल के प्रयोग पर लगाम लगाई जा सके.

इसके अलावा, चुनाव के दौरान काले शीशे वाले या बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी. ऐसे वाहनों को देखते ही जब्त करने का निर्देश दिया गया है.

छात्र संगठनों ने दिया भरोसा, ‘वॉल ऑफ डेमोक्रेसी’ की मांग

बैठक में सभी छात्र संगठनों ने डीयू प्रशासन को भरोसा दिलाया कि वे इस बार सरकारी परिसरों को खराब नहीं करेंगे. उन्होंने लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों का सख्ती से पालन करने पर भी सहमति जताई.

इस दौरान, छात्र संगठनों ने एक महत्वपूर्ण मांग रखी कि विश्वविद्यालय के सभी कॉलेजों में एक अलग ‘वॉल ऑफ डेमोक्रेसी’ उपलब्ध कराई जाए, जहां वे अपने विचार और संदेश साझा कर सकें. डीयू प्रशासन ने इस मांग पर विचार करने का आश्वासन दिया है.

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Author: Vinay Tiwari

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