Digital India: भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में डिजिटल सेवा की भूमिका रही महत्वपूर्ण

देश में डिजिटल क्रांति का ही कमाल है कि अगर देश की राजधानी से 100 रुपये निकलता है तो वो 100 के 100 रुपये लाभार्थियों के पास पहुंचता है.

Digital India: केंद्र सरकार की ओर से जुलाई 2015 में डिजिटल इंडिया कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया था, जिसका उद्देश्य डिजिटल सेवाओं, डिजिटल पहुंच, डिजिटल समावेशन और डिजिटल सशक्तिकरण को सुनिश्चित करके भारत को ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था और डिजिटल रूप से सशक्त समाज में परिवर्तित करना था. उसी का परिणाम है कि आज एक क्लिक से पैसा ट्रांसफर करने से लेकर तमाम जरूरी काम हाे जा रहे हैं. डिजिटल इंडिया ने 2047 में विकसित भारत की नींव रख दी है. पिछले 10 साल में केंद्र सरकार ने देश में डिजिटल क्रांति लाने और लोगों को डिजिटली काम करने के लिए प्रेरित किया है, जो अभूतपूर्व है. इसका सीधा सकारात्मक असर 140 करोड़ देशवासियों पर हो रहा है.

केंद्रीय विदेश और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री, कीर्ति वर्धन सिंह ने सोमवार को पर्यावरण भवन में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी पर आयोजित एक कांफ्रेंस में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व व सोच का प्रतीक है कि आज पूरी दुनिया भारत में हुए डिजिटल क्रांति की तारीफ कर रही है. उन्होंने कहा कि जब वह विदेश में प्रवास पर होते हैं, तो वहां की सरकार के प्रतिनिधि व जनमानस बताते है कि भारत में जो डिजिटल क्रांति आई है, वह वाकई अभूतपूर्व है. यह सुखद है कि डिजिटल इंडिया को लेकर प्रधानमंत्री मोदी के विजन ने पूरे देश को विश्व मानचित्र पर एक अलग पहचान दिलाई है.

विश्व पटल पर भारत की डिजिटल क्रांति की बढ़ी विश्वसनीयता 

कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि देश में डिजिटल सेवाओं की वजह से भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगा है. यूपीआई, डिजी लॉकर, डिजी यात्रा, को-वीन, आरोग्य सेतु, ई-संजीवनी, उमंग, जेम, दिक्षा, ई-हॉस्पिटल, ई-कोर्ट आदि ऐसे कई पहल करोड़ों जिंदगियों को छू रहा है. उनके कार्यों को सरल व सुगम बना रहा है. देश में डिजिटल क्रांति का ही कमाल है कि अगर देश की राजधानी से 100 रुपये निकलता है तो वो 100 के 100 रुपये लाभार्थियों के पास पहुंचता है. गांवों में इंटरनेट की पहुंच हुई है. भारत की डिजिटल भुगतान क्रांति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गति पकड़ रही है. वर्तमान में, यूपीआई का उपयोग 7 देशों में पेमेंट के लिए किया जा सकता है.

यूएई, सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस और मॉरीशस में यह सुविधा उपलब्ध है. फ्रांस में यूपीआई का आना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह यूरोप में पहली बार उपयोग किया जा रहा है. यह विस्तार भारतीय उपभोक्ताओं और व्यवसायों को विदेश में रहते हुए या यात्रा करते हुए भी सहजता से भुगतान करने और प्राप्त करने में सक्षम बनाता है. इससे विश्व पटल पर भारत की डिजिटल क्रांति की विश्वसनीयता बढ़ी है.

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By Anjani Kumar Singh

Anjani Kumar Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

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