Digital Arrest : ‘सीबीआई ऑफिसर बोल रहा हूं’, इतना सुनते ही मॉडल के छूटने लगे पसीने

Digital Arrest : यूपी से एक डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है. इस बार अपराधियों ने एक मॉडल को अपना शिकार बनाया. पढ़ें कैसे फंसी वह जाल में.

Digital Arrest : हैलो मैं सीबीआई ऑफिसर बोल रहा हैं. आपका नाम ह्यूमन ट्रैफिकिंग और ड्रग ट्रैफिकिंग मामले में आया है. इतना सुनना था कि मॉडल के सिर से पसीना टपकने लगा. इसके बाद दोनों ओर से दो घंटे तक बातचीत होती रही. पैसों को लेकर डील हुई. यदि आप इतना पढ़कर सोच रहे हैं कि मामला क्या है? क्यों इस चीज की चर्चा की जा रही है? तो आपको बता दें एक मॉडल डिजिटल अरेस्ट की शिकार हुई है. यही नहीं उसने कॉल करने वाले को 99,000 रुपये दे भी दिए.

यूपी का ये मामला बताया जा रहा है. पुलिस ने बताया कि एक मॉडल को साइबर अपराधियों ने दो घंटे तक डिजिटल तरीके से बंधक बनाकर रखा. इसके बाद उससे 99,000 रुपये ठग लिये. खुद को पूर्व फेमिना मिस इंडिया, पश्चिम बंगाल 2017 बताने वाली शिवांकिता दीक्षित ठगी का शिकार हुई. पैसा गंवाने के बाद जब उसे अहसास हुआ कि वह ठगी का शिकार हो चुकीं हैं, तो उसने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी.

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असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर (लोहामंडी) मयंक तिवारी ने बताया कि दीक्षित को मंगलवार को एक कॉल आया. यह कॉल व्हाट्सएप पर किया गया था. दूसरी ओर से सीबीआई अधिकारी होने का दावा किया गया. तिवारी ने कहा,”ठगों ने मॉडल को ह्यूमन ट्रैफिकिंग और ड्रग ट्रैफिकिंग के आरोप में नाम आने की बात कही. गिरफ्तारी से बचने के लिए 99,000 रुपये मांगे, जो उन्होंने चुका दिए.” तिवारी ने बताया कि केस दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है.

डिजिटल अरेस्ट क्या होता है?

‘डिजिटल अरेस्ट’ एक नए तरह का साइबर क्राइम है. इसमें अपराधी सीबीआई या सीमा शुल्क जैसी एजेंसियों के अधिकारियों के नाम पर कॉल करते हैं. वे वीडियो कॉल के जरिए पीड़ितों को डराते हैं.

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By Amitabh kumar

अमिताभ कुमार प्रभात खबर डिजिटल में Sr. Content writer हैं. पिछले 15 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं.

अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.

प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है. 📩 संपर्क : amitabh.kumar@prabhatkhabar.in

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