बोनट पर लाद 3 किलोमीटर तक चलाई कार, दिल्ली का ये VIDEO वायरल, जानें पूरा मामला

मेरी कार उनकी कार को हिट नहीं की थी, मैं गाड़ी चला रहा था तभी वो जानबूझकर मेरी कार के बोनट पर चढ़ गये. मैंने उनसे नीचे उतरने को कहा लेकिन...जानें आरोपी ने क्या कहा

देश की राजधानी दिल्ली में बीती रात करीब 11 बजे आश्रम चौक से निजामुद्दीन दरगाह की ओर आ रही एक कार के बोनट पर एक व्यक्ति को करीब 2-3 किलोमीटर तक घसीटा गया.

पीड़ित व्यक्ति चेतन ने मामले को लेकर कहा कि मैं ड्राइवर हूं, मैं एक यात्री को छोड़कर जैसे आश्रम के पास पहुंचा तो एक कार ने मेरी कार को तीन बार टक्कर मारी, फिर मैंने इन्हें रोकने का प्रयास किया लेकिन ये नहीं रोके फिर मैं इनके बोनट के ऊपर लटक गया लेकिन फिर भी इन्होंने नहीं रोका. वह मुझे आश्रम चौक से निजामुद्दीन तक घसीटता गया. रास्ते में मैंने एक पीसीआर देखा और उन्होंने हमारा पीछा किया तब जाकर ये कार रोकी. वह व्यक्ति पूरी तरह से नशे में था.

वहीं आरोपी रामचंद कुमार ने कहा है कि मेरी कार उनकी कार को हिट नहीं की थी, मैं गाड़ी चला रहा था तभी वो जानबूझकर मेरी कार के बोनट पर चढ़ गये. मैंने उनसे नीचे उतरने को कहा लेकिन उन्होंने नहीं सुना. मैंने फिर अपनी कार रोका और उनसे कहा कि आप ये क्या कर रहा हो?

दिल्ली पुलिस ने मामले को लेकर कहा है कि इस मामले में सनलाइट कॉलोनी थाने में लापरवाही से तेज वाहन चलाने और जान जोखिम में डालने से संबंधित धाराओं में FIR दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. गाड़ी रवींद्र सिंह नामक व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर्ड है.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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