Delhi Electric Bill : दिल्ली में अप्रैल से बिजली महंगी हो सकती है. वजह ये है कि सरकार तीनों बिजली कंपनियों को करीब 38 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया चुकाने की तैयारी कर रही है. अधिकारियों के मुताबिक इसका असर बिजली बिल पर पड़ सकता है. हालांकि राहत की बात ये है कि सरकार लोगों पर ज्यादा बोझ न पड़े, इसके लिए बढ़ी हुई दरों पर सब्सिडी देने की भी योजना बना रही है.
पिछले साल अगस्त में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि दिल्ली की तीनों प्राइवेट बिजली कंपनियों (बीआरपीएल, बीवाईपीएल और टीपीडीडीएल) को उनका बकाया पैसा चुकाया जाए. कोर्ट ने कहा था कि करीब 27,200 करोड़ रुपये का भुगतान सात साल के अंदर किया जाना चाहिए. इसमें वहन लागत (ये अतिरिक्त खर्च होता है) भी शामिल है.
बकाया लागत क्यों बढ़ा?
नियामक परिसंपत्तियां (रेगुलेटरी एसेट्स) वो खर्च हैं, जिनकी भरपाई बाद में होने की उम्मीद रहती है. पिछले 10 साल में आम आदमी पार्टी सरकार के दौरान बिजली दरें नहीं बढ़ीं, इसलिए ये बकाया लागत तेजी से बढ़ती चली गई.
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बढ़ सकते हैं बिजली के दाम
दिल्ली के बिजली मंत्री आशीष सूद ने पिछले साल मार्च में कहा था कि बिजली कंपनियों को करीब 27 हजार करोड़ रुपये वसूलने की इजाजत दी गई है. यह रेगुलेटरी एसेट्स के तौर पर जमा हैं. इससे साफ संकेत मिला था कि आने वाले समय में दिल्ली में बिजली के दाम बढ़ सकते हैं.
