Most Polluted Cities: दिल्ली की हवा देश में सबसे ज्यादा जहरीली, बिहार का हाजीपुर दूसरा सबसे प्रदूषित स्थान

Most Polluted Cities: दिल्ली में बुधवार को देश की सबसे खराब वायु गुणवत्ता दर्ज की गई और यह इस मौसम में पहली बार ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गई. दिल्ली में एक्यूआई 418 दर्ज किया गया.

Most Polluted Cities: केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, बिहार के हाजीपुर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 417 दर्ज किया गया और यह देश में दूसरा सबसे प्रदूषित स्थान रहा. सीपीसीबी के अनुसार, दिल्ली के 36 निगरानी स्टेशनों में से 30 में वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी रही.

इस साल 14 जनवरी को एक्यूआई 447 दर्ज किया गया था

राष्ट्रीय राजधानी का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) मंगलवार को 334 रहा था. यह रोजाना शाम चार बजे दर्ज किया जाता है. दिल्ली में वायु गुणवत्ता 30 अक्टूबर को ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गई थी. सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी में तीन दिनों तक शहर का एक्यूआई ‘गंभीर’ श्रेणी में रहा. इस साल 14 जनवरी को एक्यूआई 447 दर्ज किया गया था जबकि 24 और 26 जनवरी को यह 409 रिकॉर्ड हुआ था.

एक्यूआई गंभीर श्रेणी में पहुंचने पर स्वस्थ लोगों पर पड़ता है गंभीर प्रभाव

सीपीसीबी ने कहा कि एक्यूआई के ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंचे से स्वस्थ लोग प्रभावित होते हैं तथा पहले से ही चिकित्सा संबंधी समस्याओं से ग्रस्त लोगों पर इसका गंभीर असर पड़ता है. वाहनों से होने वाला उत्सर्जन दिल्ली के प्रदूषण में सबसे ज्यादा योगदान देता है, जिसकी अनुमानित हिस्सेदारी लगभग 13.3 प्रतिशत है.

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चंडीगढ़ में वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी

चंडीगढ़ में वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बनी हुई है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ‘समीर’ ऐप के अनुसार, पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी में बुधवार शाम चार बजे एक्यूआई 372 दर्ज किया गया. प्रदूषण के स्तर में वृद्धि के साथ, रात में पानी का छिड़काव या सड़कों की धुलाई, ‘एंटी-स्मॉग गन’ का उपयोग, पत्तियों और कचरे को खुले में जलाने पर रोक लगाने और यातायात की आवाजाही की निगरानी जैसे उपाय किए हैं.

एक्यूआई कितना रहने पर अच्छा होता है?

एक्यूआई 0 से 50 के बीच ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’, 401-450 के बीच ‘गंभीर’ और 450 से अधिक होने पर ‘अति गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है.

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

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