India-china Dispute: भारतीय सेना अब और भी मजबूत तरीके से अपने दुशमनों का सामना करने का तैयार है. भारत-चीन तनाव के बीच रक्षा मंत्रालय अब अमेरिका से और 72 हजार सिग 716 असॉल्ट राइफलों का ऑर्डर दे दिया है. जानकारी के मुताबिक रक्षा मंत्रालय ने 2,290 करोड़ रुपये के हथियारों और सैन्य उपकरणों की खरीद को मंजूरी दी, जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका से लगभग 72,000 सिग सोर असॉल्ट राइफलें शामिल हैं. बता दें कि भारतीय सेना अत्याधुनिक हथियार खरीद की प्रक्रिया में तेजी ला रही है.
आपको बता दें कि 72 हजार राइफलों की जो पहली खेप आई थी और उनमें से एक बड़ा हिस्सा भारतीय सेना के उत्तरी कमान को भेज दिया गया था. उत्तरी कमान जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद रोधी अभियानों की निगरानी करती है जिसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद से निपटना शामिल है. उत्तरी कमान के ही जिम्मे पाक अधिकृत कश्मीर का भी हिस्सा आता है जहां आतंकियों को प्रशिक्षित किया जाता है. भारतीय सेना का दावा है कि इन असॉल्ट राइफलों के आ जाने से अब पाकिस्तान और पाक समर्थित आतंकवादी गतिविधियों से प्रभावी ढंग से निपटने में सहायता मिलेगी. गौरतलब है कि रक्षा मंत्रालय ने हाल ही में इजराइल से 16 हजार लाइट मशीन गन (एलएमजी) खरीदने का ऑर्डर दिया है
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जानकारी के मुताबिक भारतीय सेना इन राइफल का इस्तेमाल चीन से सटी सीमा पर तैनात सैनिक करेंगे. सेना बड़े स्तर पर पैदल सेना का आधुनिकीकरण अभियान चला रही है, जिसके तहत पुराने और अप्रचलित हथियारों की जगह सैनिकों के लिए हल्की मशीन गन, युद्धक कार्बाइन और असॉल्ट राइफल की खरीद की जा रही है. वर्ष 2017 के अक्तूबर में सेना ने करीब सात लाख राइफल, 44,000 हल्की मशीन गन और लगभग 44,600 कार्बाइन खरीद की प्रक्रिया शुरू की थी. चीन और पाकिस्तान सीमा पर बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों के बीच भारत विभिन्न हथियारों की खरीद पर तेजी से काम कर रहा है.
Posted by : Rajat Kumar
