Covid19 से मरने वालों की संख्या 114 हुई, सबसे अधिक मामले महाराष्ट्र में, राजस्थान में आज हुई तीन की मौत

Covid19 Death toll 114 देश में कोरोना वायरस संक्रमण के चलते मंगलवार को मृतकों का आंकड़ा 114 हो गया है और कुल संक्रमितों की संख्या 4,421 पर पहुंच गयी है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश में 3,981 लोग अब भी संक्रमित हैं, करीब 325 लोगों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है और एक व्यक्ति विदेश जा चुका है.

नयी दिल्ली : देश में कोरोना वायरस संक्रमण के चलते मंगलवार को मृतकों का आंकड़ा 114 हो गया है और कुल संक्रमितों की संख्या 4,421 पर पहुंच गयी है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश में 3,981 लोग अब भी संक्रमित हैं, करीब 325 लोगों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है और एक व्यक्ति विदेश जा चुका है.

कुल मामलों में 66 विदेशी नागरिक हैं सुबह नौ बजे तक मंत्रालय के अद्यतन आंकड़ों के मुताबिक राजस्थान में तीन और लोगों की मौत हो गई जबकि त्रिपुरा में कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आया है कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा 45 मौत महाराष्ट्र में हुई है. इसके बाद गुजरात में 12, मध्य प्रदेश में नौ, तेलंगाना और दिल्ली में सात-सात, पंजाब में छह और तमिलनाडु में पांच मौतें हुई हैं.

आंकड़ों के मुताबिक कर्नाटक में चार मौत हुई जबकि पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और राजस्थान में तीन-तीन लोगों की मौत हुई है. वहीं जम्मू-कश्मीर और केरल में दो-दो मौतें हुई हैं. बिहार, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है. हालांकि राज्यों की ओर से सीधे जारी आंकड़ों पर आधारित तालिका के मुताबिक सोमवार रात तक देश में कम से कम 138 लोगों की मौत हुई है जबकि संक्रमितों की कुल संख्या 4,683 है इनमें से, 359 इलाज के बाद ठीक हो गए हैं विभिन्न राज्यों द्वारा घोषित संख्या और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों में काफी अंतर है अधिकारी इसके लिए प्रक्रियात्मक देरी बता रहे हैं जो इसे लेकर हो रही है कि कौन सा मामला किस राज्य से जुड़ा है.

देश में संक्रमण के सबसे अधिक 748 मामले महाराष्ट्र में हैं. इसके बाद तमिलनाडु में 621 और दिल्ली में 523 मामले हैं. केरल में संक्रमित लोगों की संख्या 327, तेलंगाना में 321, उत्तर प्रदेश में 305 और राजस्थान में 288 हैं. आंध्र प्रदेश में कुल 226 लोग संक्रमित हैं मध्य प्रदेश में संक्रमण के मामले बढ़ कर 165, कर्नाटक में 151 और गुजरात में 144 हो गए हैं जम्मू-कश्मीर से 109, पश्चिम बंगाल में 91, हरियाणा में 90 और पंजाब में 76 मामले सामने आये हैं. बिहार में 32 जबकि उत्तराखंड में 31 और असम में 26 मामले हैं ओडिशा में 21, चंडीगढ़ में 18, लद्दाख में 14 और हिमाचल प्रदेश में अब तक 13 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है. अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह और छत्तीसगढ़ से 10 मामले सामने आये हैं. गोवा में सात और पुडुचेरी में पांच लोग संक्रमित हैं वहीं, झारखंड में चार और मणिपुर में दो लोगों में जबकि त्रिपुरा, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश में एक-एक व्यक्ति में संक्रमण की पुष्टि हुई है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर कहा, “राज्यवार आंकड़ों की अभी और पुष्टि एवं मिलान किया जा सकता है”.

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Author: Rajneesh Anand

Published by: Prabhat Khabar

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

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