कोविन पोर्टल डेटा लीक मामलाः गृह मंत्रालय का दावा- पोर्टल पूरी तरह सुरक्षित, लीक की बात निराधार

डेटा लीक का दावा करने वालों का कहना है कि बीते तीन सालों से जिन लोगों ने भी कोरोना वैक्सीन लिया है, उनकी निजी जानकारी जैसे- आधार-पैन डिलेस, फोन नंबर, जन्मतिथी जैसी जानकारियों के लीक होने का खतरा है. वहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि डेटा गोपनीयता के लिए कोविन के पास पर्याप्त सुरक्षा उपाय हैं.

कोविन पोर्टल डेटा लीक मामलाः केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविन डेटा लीक मामले पर कहा है कि यह खबर पूरी तरह निराधार है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि पोर्टल पूरी तरह से सुरक्षित है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने पोर्टल से डेटा लीक की खबर का खंडन करते हुए यह भी कहा कि डेटा गोपनीयता के लिए कोविन के पास पर्याप्त सुरक्षा उपाय हैं. गौरतलब है कि दावा किया जा रहा है कि कोविन डेटा लीक हुआ है. डेटा लीक होने का दावा करने वालों का कहना है कि वैक्सीन लेने वाले सभी लोगों के फोन नंबर, आधार नंबर, जन्म तिथि और अन्य प्रमुख जानकारी लीक कर दिए हैं. इसकी पूरी जानकारी टेलीग्राम प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है.

इन डेटा के लीक होने का दावा

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, डेटा लीक होने का दावा करने वालों का कहना है कि बीते तीन सालों से जिन लोगों ने भी कोरोना वैक्सीन लिया है, उनकी निजी जानकारी लीक होने का खतरा है. दावा करने वालों का कहना है कि लोगों के आधार कार्ड, पैन कार्ड की डिटेल्स के साथ-साथ फोन नंबर, जन्म तिथि जैसी गोपनीय जानकारियों के लीक होने का डर है.

सर्ट-इन से मामले की जांच का अनुरोध- स्वास्थ्य मंत्रालय

गौरतलब है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि कोविन प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत लाभार्थियों के डेटा में सेंधमारी का दावा करने वाली खबरें बेबुनियाद हैं. मंत्रालय ने देश की नोडल साइबर सुरक्षा एजेंसी सर्ट-इन से मामले में जांच करने और एक रिपोर्ट पेश करने का अनुरोध किया है. मंत्रालय ने यह भी कहा कि कोविन के मौजूदा सुरक्षा उपायों की समीक्षा के लिए एक आंतरिक कवायद शुरू की गई है.

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Author: Pritish Sahay

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