Coronavirus Outbreak: जानें क्यों ट्रंप ने Hydroxychloroquine टैबलेट के लिए पीएम मोदी से लगायी गुहार

Hydroxychloroquine, coronavirus : अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की और मदद की गुहार लगायी.

Hydroxychloroquine, coronavirus : कोरोना वायरस का संक्रमण अब पूरी दुनिया में फैल चुका है. अमेरिका, इटली, स्पेन जैसे देश भी इसके आगे घुटने टेक चुके हैं. आपको जानकार शायद आश्‍चर्य हो कि अमेरिका की नजरें अब मदद की आस में भारत पर टिक चुकी है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की है और हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा के आर्डर की आपूर्ति करने का आग्रह किया है. आपको बता दें कि अमेरिका ने भारत को इस दवा आर्डर दिया था. भारत ने पिछले महीने इस दवा के निर्यात पर रोक लगा दी थी.

अमेरिकी राष्‍ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उन्होंने शनिवार सुबह मोदी से बात कर अमेरिका के लिए हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के आर्डर की आपूर्ति करने का आग्रह किया. अमेरिका के राष्ट्रपति ने शनिवार को व्हाइट हाउस में अपने नियमित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मैंने प्रधानमंत्री मोदी से बात की. वे बड़ी मात्रा में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन बनाते हैं. भारत इसपर गंभीरता से विचार कर रहा है. विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने 25 मार्च को इस दवा के निर्यात पर रोक लगा दी थी. हालांकि, डीजीएफटी ने कहा था कि मानवता के आधार पर मामले-दर-मामले में इसके कुछ निर्यात की अनुमति दी जा सकती है.

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जानें हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वाइन का सबसे बड़ा उत्पादक क्यों है भारत

मलेरिया जैसी खतरनाक बीमारी से लड़ने में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वाइन (Hydroxychloroquine) बेहद मददगार साबित हुआ है. भारत में हर साल बड़ी संख्या में लोग मलेरिया की चपेट में आते हैं. यही वजह है कि भारतीय दवा कंपनियां बड़े स्तर पर इसका उत्पादन करने का काम करतीं हैं. अब यह दवा कोरोना वायरस से लड़ने में कारगर सिद्ध हो रहा है. कोरोना के खिलाफ जंग में कारगर इस दवा की मांग और बढ़ गयी है. लेकिन कच्चे माल की कमी के कारण दवा के उत्पादन में बढ़ोतरी नहीं हो सकी है. लॉकडाउन के कारण भारतीय दवा निर्माता कंपनियों ने सरकार से इस दवा के लिए कच्चे माल को एयरलिफ्ट कर मंगाने का आग्रह किया है.

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अमेरिका पर कोरोना का संकट

अमेरिका में कोरोना वायरस संक्रमण के तीन लाख से अधिक मामले सामने आ चुके हैं. अभी तक इस वायरस से अमेरिका में 8,000 लोगों की मौत हुई है. दुनिया में अमेरिका कोविड-19 से सबसे बुरी तरह प्रभावित देशों में है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या के तीन लाख का आंकड़ा पार करने और 8,000 से अधिक लोगों की मौत होने के मद्देनजर अमेरिकियों को आगाह किया है कि उन्हें अगले दो हफ्ते और मुश्किल हालात का सामना करना पड़ेगा.

अगले दो हफ्ते जानलेवा

ट्रंप ने व्हाइट हाउस में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अगले दो हफ्ते बहुत,बहुत जानलेवा होने जा रहे हैं. हम दुर्भाग्यपूर्ण रूप से इसका सामना करने जा रहे हैं ताकि कम से कम जिंदगियां खोएं और मुझे लगता है कि हम सफल होंगे. उन्होंने कहा कि हम एक ऐसे दौर से गुजरने जा रहे हैं जो संभवत: इस देश में पहले न देखा गया हो. मेरा मतलब है कि मुझे नहीं लगता कि देश में हमने ऐसा वक्त कभी देखा है.

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Author: Amitabh Kumar

Published by: Prabhat Khabar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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