CRPF की 31वीं बटालियन बना कोरोना हॉटस्पॉट, एक की मौत और 46 संक्रमित

coronavirus update, corona cases in india, covid-19 latest news , crpf देश में कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा. दिल्ली में कोरोना संक्रमित लोगों की तादाद तीन हजार के पार जा चुकी है. इन सबके बीच सीआरपीएफ की 31वीं बटालियन में कोरोना के अब तक 47 केस सामने आ चुके हैं. मंगलवार को एक जवान की मौत हो गयी है.

देश में कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा. दिल्ली में कोरोना संक्रमित लोगों की तादाद तीन हजार के पार जा चुकी है. इन सबके बीच सीआरपीएफ की 31वीं बटालियन में कोरोना के अब तक 47 केस सामने आ चुके हैं. मंगलवार को एक जवान की मौत हो गयी है. इसी बटालियन के 45 जवान कोरोना से संक्रमित हो गए. लिहाजा अब पूरे बटालियन को कोरेंटाइन और सील कर सबकी जांच की जा रही है. दिल्ली के मयूर विहार स्थित सीआरपीएफ का ये कैंप कोरोना हॉटस्पॉट बन चुका है. पिछले चार दिनों में यहां में कोरोना संक्रमितों की संख्या में इजाफा हुआ है.

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सीआरपीएफ अधिकारियों का कहना है कि मयूर विहार कैंप में नर्सिंग असिस्टेंट के कोरोना संक्रमित होने के बाद केस तेजी से सामने आए हैं. जितने भी जवान इस समय संक्रमण के शिकार हैं वो सब एक ही जवान के संपर्क में थे. मंगलवार को 12 और जवानों में कोरोना की पुष्टि हुई है. इस तरह से कुल संख्या बढ़कर 47 हो चुकी है. इसमें वो जवान भी शामिल है जो अब इस दुनिया में नहीं है. मंगलवार को सीआरपीएफ के 55 साल के एक सब इंस्पेक्टर की सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गयी. रिपोर्ट के मुताबिक, असम का रहने वाला ये सब इंस्पेक्टर डायबिटिक और हाइपरटेंशन का मरीज था.

इस कारण आए कोरोना की चपेट में 

ये सब इंस्पेक्टर सहित 31 बटालियन के बाकी जवान तब कोरोना के मरीज हुए जब वे कोरोना से संक्रमित कुपवाड़ा में तैनात रहे 162 बटालियन के पैरामेडिकल स्टाफ के संपर्क में आए. ये मेडिकल स्टाफ छुट्टी पर अपने घर नोएडा आया हुआ था. जब अचानक लॉकडाउन का ऐलान हुआ तो छुट्टी पर गये जवानों को निर्देश दिया गया कि आप जहां पर हैं वही पर रहे, लेकिन मेडिकल स्टाफ के लिये कहा गया कि अगर संभव हो तो घर के आसपास 15 से 20 किलोमीटर के दायरे में अगर कोई यूनिट हो तो वहां जॉइन कर ले ताकि अगर हालात खराब हो तो उसकी सेवा ली जा सके.नोएडा का रहने वाला ये पैरामेडिकल स्टाफ सात अप्रैल को मयूर विहार के 31 बटालियन जॉइन किया.

उस वक़्त के प्रोटोकॉल के मुताबिक उसे क़वारन्टीन किया गया पर उस वक़्त इसमें कोरोना का कोई लक्षण नहीं पाया जाता है. 17 अप्रैल को इसमें कोरोना के लक्षण दिखने शुरू हो जाते है फिर इसका टेस्ट कराया जाता है. 20 अप्रैल को इसका रिजल्ट पॉजिटिव आता है. तुरंत इसको अस्पताल में भर्ती कराया जाता है और इसके संपर्क में आये जवानों का तलाश कर पहले क्वारंटीन और फिर कोरोना टेस्ट कराया जाता है. जिनको कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है उनको दिल्ली सरकार के मंडोली के क्वारंटीन सेन्टर में इलाज के लिये भेज गया.

22-23 अप्रैल को इस सब इंस्पेक्टर की हालात खराब होने लगती है. फिर उसे सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया जाता है लेकिन मंगलवार को उसकी मौत हो जाती है. एहितयात के तौर पर अब पूरे बटालियन को कोरेंटाइन कर दिया गया है. इस बटालियन में करीब 600 जवान और अफसर है. मेडिकल स्टाफ और जरूरी चीजों को छोड़कर ना तो कैम्प से कोई बाहर निकलने दिया जा रहा है और ना ही किसी को अंदर जाने दिया जा रहा है.

जवान की मौत पर अमित शाह ने जताया शोक

केंद्रीय गृह मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले CRPF में कोविड-19 महामारी के कारण होने वाली यह पहली मौत है. जवान की मौत पर गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर दुख जाहिर किया. शाह ने लिखा कोरोना संक्रमण से लड़ रहे सीआरपीएफ के बहादुर सब-इंस्पेक्टर मोहम्मद इकराम हुसैन के निधन की सूचना से अत्यंत दुःखी हूं. वह अंत समय तक कोरोना महामारी से पूरी वीरता से लड़े. देश की सेवा व आंतरिक सुरक्षा के लिए उनका योगदान हम सभी देशवासियों को प्रेरित करता है.

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By Utpal Kant

Utpal Kant is a contributor at Prabhat Khabar.

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