Commercial Gas Crisis: भुवनेश्वर के एक शाकाहारी रेस्तरां के ऑनर प्रशांत कुमार भट्ट ने कहा- संकट के चलते उन्हें अपने मेन्यू में भारी कटौती करनी पड़ी है. पहले हम ग्राहकों को 180 व्यंजन परोसते थे, लेकिन अब पर्याप्त सिलेंडर नहीं मिलने के कारण इसे घटाकर 18 कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि अब कई व्यंजन इंडक्शन पर तैयार किए जा रहे हैं.
गैस की कमी के कारण लकड़ी का इस्तेमाल करने को मजबूर
कई रेस्तरां पुराने दौर में लौट आए हैं और खाना बनाने के लिए कोयला और लकड़ी का इस्तेमाल कर रहे हैं. किशोर मटन होटल भी गैस की कमी के कारण अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए लकड़ी का इस्तेमाल कर रहा है. होटल के मालिक ने कहा, पर्याप्त सिलेंडर नहीं मिलने के कारण हमने रात का खाना परोसना बंद कर दिया है.
स्ट्रीट फूड की दुकानें बंद
गैस की किल्लत के कारण कई स्ट्रीट फूड की दुकानें बंद हो गई हैं. खाओगली क्षेत्र के कई स्ट्रीट फूड विक्रेताओं ने अपनी दुकानें बंद कर दी हैं, जबकि अन्य ने खाने-पीने की वस्तुओं के दाम बढ़ा दिए हैं. इडली, वडा और पूड़ी जैसे व्यंजन, जो पहले 5 रुपये प्रति नग मिलते थे, अब सात रुपये में बिक रहे हैं, जबकि उपमा 10 और डोसे की कीमत 30 रुपये से बढ़ाकर 15 और 40 रुपये कर दी गई हैं.
कामगार भी प्रभावित
कटक में एक होटल मालिक ने बताया कि इस स्थिति से इस व्यवसाय पर निर्भर कई कामगार भी प्रभावित हुए हैं. मेरे साथ-साथ रसोइयों और आपूर्तिकर्ताओं सहित कई लोग इस होटल पर अपनी आजीविका के लिए निर्भर हैं. इसलिए हमने लकड़ी का इस्तेमाल शुरू किया है.
छात्र भी प्रभावित
एलपीजी की कमी और बढ़ती कीमतों के कारण छात्र और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थी भी परेशानी झेल रहे हैं. जो आमतौर पर मेस में खाना खाते है या छोटे सिलेंडरों पर खुद खाना पकाते हैं.
सरकार ने कहा- वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों का पर्याप्त भंडार
ओडिशा के खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण मंत्री के सी पात्रा ने कहा कि राज्य में वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और घबराने की जरूरत नहीं है. उन्होंने बताया कि राज्य में फिलहाल 14,000 वाणिज्यिक सिलेंडर उपलब्ध हैं, जबकि दैनिक मांग करीब 2,000 है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने वाणिज्यिक एलपीजी का आवंटन 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया है.
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