कोरोना की तीसरी लहर में बच्चे नहीं होंगे बुरी तरह प्रभावित, स्वास्थ्य मंत्रालय ने थर्ड वेव को लेकर दी यह जानकारी

कोरोना की तीसरी लहर में बच्चे बुरी तरह प्रभावित होंगे यह कहना सही नहीं है क्योंकि सीरोसर्वे में यह बात सामने आयी है कि सभी आयुवर्ग के लोगों में सीरो पॉजिटिविटी एक समान है. बावजूद इसके सरकार तीसरे वेव से निपटने में कोई कोताही नहीं बरत रही है. उक्त बातें स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही.

कोरोना की तीसरी लहर में बच्चे बुरी तरह प्रभावित होंगे यह कहना सही नहीं है क्योंकि सीरोसर्वे में यह बात सामने आयी है कि सभी आयुवर्ग के लोगों में सीरो पॉजिटिविटी एक समान है. बावजूद इसके सरकार तीसरे वेव से निपटने में कोई कोताही नहीं बरत रही है. उक्त बातें स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही.

ग्रामीण क्षेत्रों में 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों में सेरोपोसिटिविटी दर 56% और 18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों में 63% है. जानकारी से पता चलता है कि बच्चे संक्रमित थे लेकिन यह बहुत हल्का था.

WHO-AIIMS के सर्वेक्षण में यह बात सामने आयी है कि 18 वर्ष से कम और 18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों में सेरोपोसिटिविटी लगभग बराबर है. 18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों में, 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों में सेरोपोसिटिविटी दर 67% और 59% है.

नीति आयोग के सदस्य डॉ वीके पॉल ने कहा कि वैक्सीनेशन के बाद लोगों को अस्पताल में भरती होने की संभावना 75 से 80 प्रतिशत कम हो जाती है. आक्सीजन सपोर्ट की जरूरत आठ प्रतिशत होती है, वहीं आईसीयू में भरती होने की नौबत मात्र छह प्रतिशत लोगों को होती है

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Posted By : Rajneesh Anand

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