Census: जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने सभी राज्यों को सर्कुलर जारी किया. जिसमें बताया- दोषी पाए जाने पर 1000 रुपये के जुर्माने से लेकर तीन साल तक का कारावास या दोनों हो सकता है.
ऐसा करने पर अधिकारियों के खिलाफ होगी कार्रवाई
आदेश में कहा गया कि यदि कोई जनगणना अधिकारी जानबूझकर कोई आपत्तिजनक या अनुचित प्रश्न पूछता है. जानबूझकर कोई गलत जानकारी देता है. केंद्र सरकार या राज्य सरकार की पूर्व अनुमति के बिना जनगणना के दौरान किसी भी जानकारी का खुलासा करता है, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी.
लापरवाही या आदेश की अवहेलना करने पर भी होगी कार्रवाई
आदेश के मुताबिक, जनगणना के दौरान किसी भी कर्तव्य का पालन करते समय उचित सावधानी बरतने में लापरवाही. किसी आदेश की अवहेलना करने वाला, किसी अन्य व्यक्ति को किसी कर्तव्य का पालन करने में बाधा डालने वाला या अवरोध उत्पन्न करने वाला अधिकारी भी दोषी पाया जाएगा.
