सीबीआई ने वाप्कोस के पूर्व सीएमडी और उनके बेटे को किया गिरफ्तार, 38 करोड़ रुपये जब्त

सीबीआई के प्रवक्ता ने कहा कि सीबीआई ने भारत सरकार जल शक्ति मंत्रालय के तहत कार्यरत एक उपक्रम वाटर एंड पावर कंसल्टेंसी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड (वाप्सकोस) पूर्व सीएमडी और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ एक अप्रैल से कार्यकाल के दौरान आरोपी के आरोपों पर मामला दर्ज किया था.

नई दिल्ली : केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने वाप्कोस के पूर्व अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक (सीएमडी) आर के गुप्ता, उनके बेटे गौरव को गिरफ्तार किया. इसके साथ ही, केंद्रीय जांच एजेंसी ने उनके परिसरों से 38 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की. मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सीबीआई ने मंगलवार को जल शक्ति मंत्रालय के तहत एक केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम वाप्सकोस लिमिटेड के पूर्व अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक आरके गुप्ता और उनके परिवार के सदस्यों के परिसरों पर छापेमारी के दौरान 38 करोड़ रुपये नकद बरामद किए. एजेंसी ने आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में आरके गुप्ता, उनकी पत्नी रीमा सिंगल, बेटे गौरव और बहू कोमल के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है.

आय से अधिक संपत्ति की जांच

सीबीआई के प्रवक्ता ने कहा कि सीबीआई ने भारत सरकार जल शक्ति मंत्रालय के तहत कार्यरत एक उपक्रम वाटर एंड पावर कंसल्टेंसी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड (वाप्सकोस) पूर्व सीएमडी और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ एक अप्रैल से कार्यकाल के दौरान आरोपी के आरोपों पर मामला दर्ज किया था. रिपोर्ट में कहा गया है कि 2011 से 31 मार्च, 2019 तक, उनके पास आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति थी.

छापेमारी में 38 करोड़ रुपये बरामद

आरके गुप्ता पर आरोप यह भी है कि कि उन्होंने नौकरी से रिटायर होने के बाद दिल्ली स्थित एक निजी कंपनी के नाम से परामर्श व्यवसाय शुरू किया. आरोपियों की कथित अचल संपत्तियों में दिल्ली, गुरुग्राम, पंचकुला, सोनीपत और चंडीगढ़ में फैले फ्लैट, व्यावसायिक संपत्तियां और फार्महाउस शामिल हैं.

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सीबीआई ने आरोपी के दिल्ली, गुरुग्राम, चंडीगढ़, सोनीपत और गाजियाबाद में 19 स्थानों पर तलाशी ली, जिसमें 38 करोड़ रुपये, भारी मात्रा में आभूषण और अन्य मूल्यवान सामान और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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