राज्यसभा में भर्ती और प्रमोशन पर CAPF बिल पेश करेंगे अमित शाह

CAPF : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह राज्यसभा में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 पेश करेंगे. नीचे पढ़ें इसकी जरूरत सरकार को क्यों पड़ी.

CAPF : अमित शाह सोमवार को (23 मार्च को) राज्यसभा में CAPF के लिए एक नया कानून पेश करेंगे. इस कानून के जरिए भर्ती, डेपुटेशन, प्रमोशन और नौकरी से जुड़ी दूसरी शर्तों को एक साथ नियम में लाया जाएगा. इसका मतलब है कि अब इन सभी चीजों के लिए एक ही ढांचा (एक ही सिस्टम) तैयार किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया आसान और साफ हो सके.

CAPF की सभी फोर्स (CRPF, BSF, ITBP और SSB) अभी अपने-अपने अलग कानूनों से चलती हैं. इन कानूनों के तहत ही भर्ती और नौकरी से जुड़े नियम तय होते हैं. जैसे अधिकारियों और जवानों की सेवा शर्तें, पोस्टिंग और बाकी व्यवस्थाएं. इन कानूनों के तहत बनाए गए नियम ये तय करते हैं कि सीएपीएफ में ग्रुप ‘ए’ के आम ड्यूटी अधिकारी और बाकी सभी अफसर और कर्मचारी कैसे भर्ती होंगे और उनकी नौकरी की शर्तें क्या होंगी.

इस बिल का मकसद क्या है?

सदन की सूचियों के मुताबिक, इस बिल का मकसद केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में ग्रुप ‘ए’ के आम ड्यूटी अधिकारी और बाकी अधिकारियों की भर्ती और नौकरी की शर्तों के लिए सामान्य नियम बनाना है. इन बलों से जुड़े बाकी नियमों और संबंधित मामलों को व्यवस्थित करना है.

क्या है इस बिल में?

सूत्रों के हवाले से पीटीआई ने बताया कि इसमें ये भी सुझाव है कि सीएपीएफ में आईजी और उससे ऊपर के पदों पर आईपीएस अफसर लगाए जाएं. इसके लिए आईजी के 50% पद और एडीजी के कम से कम 67% पद प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) से भरे जाएं.

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सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की अपील ठुकराई

ये नया कानून ऐसे समय में लाया जा रहा है, जब सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल अक्टूबर में केंद्र की उस अपील को ठुकरा दिया था. इसमें उसने 2025 के फैसले पर दोबारा विचार करने की मांग की थी. उस फैसले में कहा गया था कि सीएपीएफ में आईपीएस अफसरों की डेपुटेशन कम की जाए और छह महीने के अंदर कैडर की समीक्षा की जाए.

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Published by: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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