कैबिनेट का फैसला: राष्ट्रीय पेयजल, स्वच्छता एवं गुणवत्ता केंद्र का बदला नाम, अब इस नाम से जाना जाएगा

केंद्रीय कैबिनेट ने राष्ट्रीय पेयजल, स्वच्छता एवं गुणवत्ता केंद्र का नाम बदलने की मंजूरी दे दी है. केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव ने कहा कि राष्ट्रीय पेयजल, स्वच्छता एवं गुणवत्ता केंद्र का नामकरण डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय जल एवं स्वच्छता संस्थान करने का फैसला किया गया है.

केंद्रीय कैबिनेट ने कोलकाता स्थित जोका में राष्ट्रीय पेयजल, स्वच्छता एवं गुणवत्ता केंद्र का नाम बदलने की मंजूरी दे दी है. जिसके बाद डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय जल एवं स्वच्छता संस्थान करने को बुधवार को मंजूरी दे दी है. केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई.

केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव ने कहा कि कोलकाता स्थित जोका में राष्ट्रीय पेयजल, स्वच्छता एवं गुणवत्ता केंद्र का नामकरण डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय जल एवं स्वच्छता संस्थान करने का फैसला किया गया है. सरकारी बयान के अनुसार, यह संस्थान पश्चिम बंगाल के कोलकाता में जोका स्थित डायमंड हार्बर रोड पर 8.72 एकड़ में स्थापित है.

क्या करता है यह विभाग: बता दें, राष्ट्रीय पेयजल, स्वच्छता एवं गुणवत्ता केंद्र प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, पेयजल, स्वच्छता एवं साफ सफाई के क्षेत्र में क्षमता उन्नयन संबंधी उत्कृष्ठ संस्था है. जिसकी परिकल्पना न सिर्फ स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन के कार्यान्वयन में अग्रिम मोर्चे पर तैनात कार्यबल के लिए की गई है, बल्कि ग्रामीण और शहरी दोनों स्तर के स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों के लिए भी की गई है.

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