Budget 2026 Regional Hubs for Indian Tourism: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में ऐलान किया कि भारत को कई तरह के टूरिज्म बढ़ाने पर जोर देगी. उन्होंने अपने बजट भाषण में बताय कि भारत को मेडिकल टूरिज्म का बड़ा केंद्र बनाने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में पाँच क्षेत्रीय मेडिकल हब बनाए जाएंगे. इन हब्स को राज्य सरकारों और निजी क्षेत्र की साझेदारी से विकसित किया जाएगा. यहां आधुनिक अस्पताल, जांच सुविधाएं, इलाज के बाद देखभाल, रिहैबिलिटेशन और आयुष पद्धतियों जैसे आयुर्वेद, योग और होम्योपैथी की सेवाएं एक ही जगह मिलेंगी. सरकार का लक्ष्य है कि विदेशों से ज्यादा मरीज इलाज के लिए भारत आएं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं के साथ रोजगार भी बढ़े.
स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने के लिए तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान खोले जाएंगे और जामनगर में मौजूद विश्व स्वास्थ्य संगठन के पारंपरिक चिकित्सा केंद्र को अपग्रेड किया जाएगा. पशु चिकित्सा ढांचे को बेहतर बनाने के लिए लोन से जुड़ी सब्सिडी योजना भी शुरू की जाएगी. इन कदमों से स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा बढ़ेगा और वेलनेस सेक्टर को भी फायदा होगा.
राज्यों में भी विकसित किए जाएंगे टूरिज्म के क्षेत्र
बजट में पर्यटन को भी रोजगार और विकास का बड़ा जरिया बताया गया. सरकार पहाड़ी और प्राकृतिक इलाकों में पर्यावरण के अनुकूल ट्रैकिंग और हाइकिंग रास्ते विकसित करेगी. हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, अराकू वैली और पश्चिमी घाट में नए नेचर ट्रेल्स बनाए जाएंगे. ओडिशा, कर्नाटक और केरल में कछुओं के अंडे देने वाली जगहों पर खास ट्रेल्स विकसित होंगे, जबकि पुलिकट झील के आसपास बर्ड वॉचिंग को बढ़ावा दिया जाएगा.
पर्यटन ढांचे को मजबूत करने के लिए हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ पर्वतीय ट्रेल्स विकसित किए जाएंगे. साथ ही, हॉस्पिटालिटी क्षेत्र में कौशल और शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए मौजूदा राष्ट्रीय होटल प्रबंधन एवं कैटरिंग टेक्नोलॉजी परिषद को उन्नत कर ‘राष्ट्रीय आतिथ्य-सत्कार संस्थान’ (National Institute of Hospitality) स्थापित किया जाएगा. यह संस्थान शिक्षा, उद्योग और सरकार के बीच एक सेतु की भूमिका निभाएगा.
वित्त मंत्री ने देश की समृद्ध विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत करने के लिए लोथल, धौलावीरा, राखीगढ़ी, सारनाथ, हस्तिनापुर और लेह पैलेस सहित 15 पुरातात्विक स्थलों को ‘जीवंत सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र’ के रूप में विकसित करने की भी घोषणा की.
पर्यटन क्षेत्र में रोजगार और सेवा गुणवत्ता बढ़ाने के लिए सरकार एक पायलट योजना शुरू करेगी, जिसके तहत 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 10,000 गाइड्स को प्रशिक्षित किया जाएगा. यह प्रशिक्षण भारतीय प्रबंध संस्थान (IIM) के सहयोग से 12 सप्ताह के मानकीकृत हाइब्रिड कोर्स के रूप में दिया जाएगा.
इसके अलावा, सरकार पांच ‘पूर्वोदय’ राज्यों में नए पर्यटन गंतव्य विकसित करेगी और पर्यटन परिवहन को बेहतर बनाने के लिए 4,000 ई-बसों की व्यवस्था भी करेगी.
गाइड्स को दी जाएगी ट्रेनिंग
पर्यटन सेक्टर को मजबूत करने के लिए होटल मैनेजमेंट से जुड़ी राष्ट्रीय संस्था को अपग्रेड किया जाएगा. साथ ही 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 10,000 गाइड्स को ट्रेनिंग देने की योजना है. सरकार देश के सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की जानकारी को डिजिटल रूप में सहेजने के लिए एक राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म भी बनाएगी. कुल मिलाकर, इस बजट में स्वास्थ्य और पर्यटन दोनों क्षेत्रों को बढ़ावा देकर रोजगार और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया है.
राष्ट्रीय गंतव्य डिजिटल ज्ञान ग्रिड बनाया जाएगा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं. उन्होंने देशभर के सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्व के स्थलों की जानकारी को डिजिटल रूप में सहेजने के लिए ‘राष्ट्रीय गंतव्य डिजिटल ज्ञान ग्रिड’ (नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड) बनाने का प्रस्ताव रखा. इसका उद्देश्य भारत के प्रमुख स्थलों को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाकर उनकी वैश्विक पहचान मजबूत करना है.
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