Arvind Kejriwal की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने हनुमान जयंती के मौके पर की पूजा, मांगी ये दुआ…

Arvind Kejriwal की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने आज हनुमान जयंती के मौके पर हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना की.

अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने आज हनुमान जयंती के अवसर पर दिल्ली के कनाॅट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की. आम आदमी पार्टी ने एक्स पर पोस्ट लिखकर यह जानकारी दी है. सोशल मीडिया पोस्ट में यह बताया गया है कि सुनीता केजरीवाल ने हनुमान जयंती के अवसर पर मंदिर जाकर अरविंद केजरीवाल के बेहतर स्वास्थ्य और दिल्लीवासियों के सुंदर भविष्य की कामना की.

अरविंद केजरीवाल को दिया गया इंसुलिन

गौरतलब है कि आज तिहाड़ जेल में अरविंद केजरीवाल को पहली बार इंसुलिन दिया गया. इस बारे में भी आम आदमी पार्टी ने एक्स पर पोस्ट लिखकर जानकारी दी और पोस्ट किया कि अंतत: जेल प्रशासन को सद्‌बुद्धि आई और उन्हें इंसुलिन दिया गया. अरविंद केजरीवाल का शुगर लेवल 320 पर पहुंच गया था. पिछले कुछ दिनों से आम आदमी पार्टी ने लगातार मोदी सरकार पर यह आरोप लगाया कि वे जेल में अरविंद केजरीवाल की हत्या करवाना चाहते हैं, इसलिए उन्हें बार-बार मांगने पर भी इंसुलिन नहीं दिया जा रहा है. वहीं ईडी का यह भी कहना था कि अरविंद केजरीवाल जेल में मिठाई और आम खा रहे हैं, जबकि उन्हें इन सब चीजों को खाना मना है.

सुनीता केजरीवाल का आरोप-जेल में हो रही मारने की साजिश

सुनीता केजरीवाल 21 अप्रैल को झारखंड की राजधानी रांची आई थीं, जहां उन्होंने इंडिया गठबंधन की रैली में अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी का मामला उठाया था. रैली को संबोधित करते हुए सुनीता केजरीवाल ने कहा कि उनपर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं. जेल में उनके एक-एक निवाले की निगरानी हो रही है. मोदी सरकार उन्हें मारने की साजिश कर रही है, यहां तक कि उन्हें उनकी जरूरी दवा इंसुलिन भी नहीं दी जा रही है. मेरे पति अरविंद केजरीवाल को सत्ता का मोह नहीं है. जब उन्होंने आईआईटी की परीक्षा पास की थी, उस वक्त उनके दोस्त कमाई के लिए विदेश चले गए, लेकिन अरविंद केजरीवाल ने देश सेवा को चुना.

Also Read : Lok Sabha Election 2024 : कांग्रेस राज में हनुमान चालीसा पढ़ने वालों पर हमला, पीएम नरेंद्र मोदी का बड़ा आरोप

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >