एंटी-नक्सल ऑपरेशन : अबूझमाड़ में तीन नक्सली ढेर, दुर्गम इलाके से बाहर लाया गया शव

Anti-Naxal Operation : अबूझमाड़ में चल रहे एंटी-नक्सल ऑपरेशन में सुरक्षाबलों ने तीन नक्सलियों को मार गिराया है. नक्सलियों की पहचान अभी नहीं हो पाई है.

Anti-Naxal Operation : अबूझमाड़ में चल रहे एंटी-नक्सल ऑपरेशन में शुक्रवार सुबह इलाके से दो नक्सलियों के शव बरामद किए गए. अब तक कुल तीन शव मिल चुके हैं. मौके से एक AK-47 और एक SLR राइफल भी मिली है. पुलिस के मुताबिक, तीनों नक्सलियों की पहचान अभी नहीं हो पाई है. गढ़चिरौली पुलिस मामले की जांच कर रही है.

अबूझमाड़ के घने जंगल से सुबह एयरलिफ्ट कर भामरागढ़ उपजिला अस्पताल लाए गए घायल C60 जवान दीपक चिन्ना मडावी की इलाज के दौरान मौत हो गई. वहीं, दूसरे जवान जोगा मडावी को गोली लगी थी, लेकिन अब उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है. गढ़चिरौली पुलिस ने इसकी पुष्टि की है.

माओवादियों के बारे में मिली खुफिया जानकारी

इससे पहले खबर आई कि महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में पिछले 24 घंटे से मुठभेड़ जारी थी. एक अधिकारी ने बताया कि मंगलवार शाम को प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की कंपनी नंबर 10 के उग्रवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिली. इसके बाद भामराग के एसडीपीओ के नेतृत्व में 14 सी-60 यूनिटों के साथ गढ़चिरौली-नारायणपुर सीमा पर फोडेवाड़ा गांव के पास यह अभियान शुरू किया गया.

दुर्गम इलाके और घने जंगल के कारण आई परेशानी

अधिकारी ने कहा कि बुधवार को हुई मुठभेड़ के परिणामस्वरूप दो नक्सली शिविरों का भंडाफोड़ हुआ. इस दौरान नक्सलियों का सामान बरामद हुआ, हालांकि दुर्गम इलाके और घने जंगल के कारण नक्सलियों का पता नहीं लगाया जा सका. गुरुवार की सुबह मौजूदा घेराबंदी के तहत अतिरिक्त चार सी-60 यूनिट और सीआरपीएफ की क्यूएटी की एक यूनिट को तैनात किया गया.

गुरुवार शाम क्या आई थी खबर

गुरुवार शाम खबर आई कि सुबह से मुठभेड़ जारी है. अब तक एक नक्सली का शव बरामद किया गया है. इस बीच एक अधिकारी ने बताया कि एक एके-47 राइफल और एक सेल्फ-लोडिंग राइफल भी बरामद की गई है. अन्य माओवादियों के घायल होने या मारे जाने की संभावना का पता लगाया जा रहा है. सी-60 के एक जवान को गोली लग गई जिसे निकालने की प्रक्रिया जारी है.

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Published by: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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