CM को गिरफ्तार करनेवाली IPS डी रूपा का एक और तबादला, हस्तशिल्प विकास निगम की बनी एमडी, 40 से ज्यादा हो चुके हैं ट्रांसफर

Another transfer of IPS D Roopa, who arrested CM and endured over 40 transfers, became MD of Handicrafts Development Corporation : नयी दिल्ली : बेंगलुरु शहर की एक परियोजना को लेकर वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के साथ सार्वजनिक विवाद के बीच आईपीएस डी रूपा उर्फ डी रूपा दिवाकर मौदगिल का तबादला कर दिया गया. उन्होंने कर्नाटक राज्य हस्तशिल्प विकास निगम की प्रबंध निदेशक का पद भार शुक्रवार को संभाल लिया.

नयी दिल्ली : बेंगलुरु शहर की एक परियोजना को लेकर वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के साथ सार्वजनिक विवाद के बीच आईपीएस डी रूपा उर्फ डी रूपा दिवाकर मौदगिल का तबादला कर दिया गया. उन्होंने कर्नाटक राज्य हस्तशिल्प विकास निगम की प्रबंध निदेशक का पद भार शुक्रवार को संभाल लिया.

आईपीएस डी रूपा का करीब 20 वर्षों के सेवा काल के दौरान 40 बार से ज्यादा तबादला हो चुका है. ताजा तबादले को 619 करोड़ रुपये की बेंगलुरु सेफ सिटी प्रोजेक्ट को लेकर अधिकारियों के बीच उपजे विवाद के परिणाम के तौर पर देखा जा रहा है. विवाद के बाद आईपीएस हेमंत निंबालकर का भी तबादला कर दिया गया है.

तबादले के बाद आईजीपी रैंक की अधिकारी आईपीएस डी रूपा ने ट्वीट कर कहा है कि उनका तबादला उन्हें एक अन्य अधिकारी के साथ समान स्थान पर रखने के समान है, जिनके खिलाफ सीबीआई ने आरोपपत्र दायर किया है और एक साल पहले की कार्रवाई की अनुशंसा की है.

मालूम हो कि निर्भया योजना के तहत बेंगलुरु में 619 करोड़ रुपये की सुरक्षित शहर परियोजना को लेकर दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के बीच विवाद उत्पन्न हो गया. कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त कमल पंत को मामले में अवैध दखल की जांच का आदेश दिया था.

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (प्रशासन) हेमंगत निंबालकर ने आरोप लगाया था कि किसी ने खुद को गृह सचिव बता कर योजना के बारे में गोपनीय सूचना हासिल करने की कोशिश की थी. इसके जवाब में गृह सचिव और आईपीएस डी रूपा ने कहा कि उन्हें टेंडर प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं मिली थीं. डी रूपा ने कहा कि बतौर गृह सचिव मैं शिकायत करती हूं कि किसी अन्य व्यक्ति की ओर से स्वयं को गृहसचिव के रूप में पेश करनेवाली बात झूठी और व्यक्तिगत भावना से प्रेरित है.

कर्नाटक कैडर की 2000 बैच की आईपीएस का नाम चर्चा में काफी रहा है. कभी तबादले के कारण तो कभी कार्यशैली के कारण. जेल में बंद एआईडीएमके नेता शशिकला के खिलाफ आवाज उठाने का मामला रहा हो या मध्य प्रदेश की तत्कालीन मुख्यमंत्री उमा भारती को गिरफ्तार करने का मामला हो, उनकी चर्चा होती रही है.

डी रूपा ने यूपीएससी की परीक्षा में ऑल इंडिया में 43वीं रैंक हासिल की थी. रूपा का कहना है कि वह आईएएस बन सकती थीं, लेकिन शौक के कारण पुलिस सर्विस को चुना. डी रूपा एक बेहतरीन ट्रेंड भरतनाट्यम डांसर भी हैं. उन्होंने भारतीय संगीत की ट्रेनिंग भी ली है. डी रूपा ने एक कन्नड फिल्म में प्लेबैक सिंगर के रूप में गीत गाया है.

बेहतरीन शार्प शूटर रही डी रूपा ने शूटिंग में कई पुरस्कार जीते हैं. उनकी शादी साल 2003 में मुनीश मौदगिल से हुई है. वह भी एक आईएएस अफसर हैं. रूपा को साल 2016 और 2017 में दो बार राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया जा चुका है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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