नयी दिल्ली : रियल इस्टेट कंपनी के मालिक गोपाल अंसल को एक बार फिर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से तत्काल राहत नहीं मिली. न्यायालय ने कहा कि वह उपहार अग्निकांड मामले में छह मार्च को उनकी अपील पर सुनवाई करेगा. गोपाल ने अदालत से यह राहत मांगी कि उन्हें 1997 के अग्निकांड के सिलसिले में अपने बड़े भाई सुशील अंसल की ही तरह एक साल की जेल की सजा ना काटने को कहा जाये. इस अग्निकांड में 59 लोग मारे गये थे.
गोपाल की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की रजिस्टरी में उनकी याचिका लंबित है, जिसके बाद प्रधान न्यायाधीश जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि आप अपील दायर करें. अगर कोई आपत्ति नहीं हुई, तो इस पर सोमवार को सुनवाई की जायेगी. जेठमलानी ने साथ ही राहत मांगी कि गोपाल को उनकी याचिका पर सुनवाई होने तक जेल के समक्ष आत्मसमर्पण ना करने की छूट मिले. पीठ में न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और एसके कौल भी शामिल हैं.
पीठ ने कहा कि इसे बढ़ाया नहीं जा सकता. हम यह नहीं कह सकते कि उन्हें इस दौरान आत्मसमर्पण करने की जरूरत नहीं है. गत नौ फरवरी को पीठ ने बढ़ती उम्र के साथ होने वाली स्वास्थ्य तकलीफों को ध्यान में रखते हुए 2:1 के बहुमत से सुनाये गये फैसले में 76 साल के सुशील को राहत दी थी, लेकिन उनके छोटे भाई गोपाल से 20 साल पुराने उपहार अग्निकांड मामले में बाकी बची एक साल की सजा काटने के लिए चार हफ्ते के भीतर आत्मसमर्पण करने को कहा था.
