जानें, कौन था हिजबुल मुजाहुद्दीन का टॉप कमांडर बुरहान वानी

जम्मू कश्मीर में आतंकी बुरहान वानी के एनकाउंटर के बादकल से घाटी में तनाव व्याप्त है. वहीं दूसरी ओर हिजबुल मुजाहुद्दीन के टॉप कमांडर बुरहान वानी का मारा जाना इंडियन आर्मी की बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है.बुरहान वानी 24 साल का था. घाटी में चरमपंथी युवाओं में लोकप्रिय बुरहान वानी अकसर […]

जम्मू कश्मीर में आतंकी बुरहान वानी के एनकाउंटर के बादकल से घाटी में तनाव व्याप्त है. वहीं दूसरी ओर हिजबुल मुजाहुद्दीन के टॉप कमांडर बुरहान वानी का मारा जाना इंडियन आर्मी की बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है.बुरहान वानी 24 साल का था. घाटी में चरमपंथी युवाओं में लोकप्रिय बुरहान वानी अकसर सोशल मीडिया में बंदूक लिये अपनी तसवीर पोस्ट किया करता था. साल 2010 में जब वो 15 साल का था तो उसने घर छोड़ हिजबुल मुजाहिद्दीन को ज्वाइन कर लिया था. बुरहान वानी के आतंक का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उस पर 10 लाख का इनाम था.

वानी का बड़ा भाई भी सुरक्षाकर्मियों के गोली से मारा गया था. घाटी में उसे युवा आईकॉन के रूप में देखते थे. उसके स्पीच वॉट्‌सएप में शेयर होते थे. वो सुरक्षाकर्मियों के कॉलोनी में हमले को लेकर वीडियो जारी भी करता था.बुरहान वानी की मौत के बाद घाटी में तनाव का खतरा बढ़ गया है. पिछले कई दिनों कश्मीर में चरमपंथी घटनाओं में वृ्द्धि हुई है. यही नहीं सरकार को इस बात का डर है कि इस्लामिक स्टेट या अन्य आतंकी संगठनों के प्रभाव में युवा आ सकते हैं.
जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर कहा कि हिजबुल कमांडर बुरहान वानी की मौत उसकी जिन्दगी से ज्यादा खतरनाक साबित होगी. कल उमर अब्दुल्ला ने बुरहान वानी के मारे जाने की खबर के बाद ट्वीट कर कहा था कि बुरहान वानी की मौत की खबर अगर सच है तो घाटी में आने वाले दिनों में तनाव फैल सकता है. बुरहान न तो बंदूक उठाने वालों में पहला है और न ही वह आखिरी है. नेशनल कॉन्फ्रेंस ने यह हमेशा कहा है कि एक राजनीतिक समस्या का निदान राजनीतिक तरीके से ही हो सकता है.

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