आइआइटी की फी में इजाफा, अब 90 हजार की जगह सालाना दो लाख रुपये चुकाना होगा

नयी दिल्ली : इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी यानी आइआइटी की सालाना फी में जबरदस्त वृद्धि की गयी है. केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के नेतृत्व में हुई आइआइटी काउंसिल की बैठक में फैसला लिया गया कि सालाना फी अब 90 हजार रुपये की जगह दो लाख रुपये होगी. हालांकि इसमें बीपीएल, एससी, एसटी […]


नयी दिल्ली : इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी यानी आइआइटी की सालाना फी में जबरदस्त वृद्धि की गयी है. केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के नेतृत्व में हुई आइआइटी काउंसिल की बैठक में फैसला लिया गया कि सालाना फी अब 90 हजार रुपये की जगह दो लाख रुपये होगी. हालांकि इसमें बीपीएल, एससी, एसटी व दिव्यांग बच्चों को छूट दी जायेगी.


नयी व्यवस्था के तहत वैसे परिवार जिनकी सालाना आय एक लाख रुपये से कम है, उनके बच्चों कोकिसीतरह का फी आइआइटी में नहीं चुकाना होगा. इसी तरह अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व दिव्यांग बच्चों के लिए यह नयी व्यवस्था लागू नहीं होगी. उन्हें शुल्क नहीं देना होगा.


जिन परिवारों की आय पांच लाख रुपये सालाना है, उन्हें शुल्क में दो तिहाई की छूट दी जायेगी, जबकि शेष एक तिहाई शुल्क के भुगतान के लिए सरकार बैंक से कर्ज दिलाने की व्यवस्था करेगी.


सरकार क इस फैसले पर सुपर 30 के संचालक व गरीब बच्चों को आइआइटी के लिए तैयान करने वाले आनंद कुमार ने सरकार से इस पर पुनर्विचार की मांग की है. उन्होंने कहा है कि इससे गरीब बच्चों पर मानसिक दबाव बढ़ेगा. उनके मन में यह संदेह रहेगा कि बैंक लोन देंगे या नहीं देंगे. बैंक आज भी बच्चों को कर्ज देने से कतराते हैं. उन्होंने मांग की है कि सरकार ने जो सीमा पांच लाख रुपये की तय की है, उसे बढ़ा कर 10 रुपये किया जाये.


वहीं, आम आदमी पार्टी के नेता सोमनाथ भारती ने इस फैसले की निंदा की है. उन्होंने कहा है कि एक ओर जहां हम बच्चे तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना चाहते हैं, वहीं दूसरी ओर फी में भारी इजाफा निराश करने वाला फैसला है.

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