नयी दिल्ली : विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि पाकिस्तान में रह रही भारतीय मूक लड़की गीता को जल्द ही भारत लाया जायेगा. गीता के परिवार को भारत में तलाशा जा रहा है. जो भी परिवार गीता को अपनी बेटी बता रहा है, उसका डीएनए टेस्ट कराकर उसे गीता को सौंपा जायेगा. सुषमा ने कहा कि गीता को भारत लाने के लिए सरकार हर जरुरी प्रक्रिया पूरी कर रही है. गौरतलब है कि करीब 14-15 साल पहले पंजाब की सीमा पर भटकते हुए गीता पाकिस्तान चली गयी. पाकिस्तान रेंजर ने खेतों से उसे पकड़ा़ पाकिस्तानी रेंजर को लगा कि वह आसपास के गांव से होगी़ काफी छानबीन की, लेकिन उसके बारे में पता नहीं लगा सका़ इसके बाद पाकिस्तानी रेंजरों ने उसका नाम सलमा रखा. इसके बाद लाहौर में ऐधी फाउंडेशन में गीता को पहुंचाया गया़. पाकिस्तान के जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता अब्दुल सत्तार ऐधी ने इसकी स्थापना की थी. ऐधी फाउंडेशन में अब्दुल सत्तार की पत्नी बिलकिस ऐधी ने पहली बार लोगों को बताया कि वह हिंदू है. इसके बाद फाउंडेशन ने हिंदू संस्कार से इसका लालन-पालन किया़ बिलकिस ऐधी ने ही उसे गीता नाम दिया.
गीता को दिखायी गयी हैं 15 से 20 तसवीरें
भारतीय उच्च आयोग के अधिकारियों ने पिछले माह गीता को 15 से 20 तसवीरें दिखायी थी. इन सभी ने भारत में गीता के अभिभावक और परिवार से होने का दावा किया है. गीता ने फिलहाल किसी को पहचानने से इनकार कर दिया. केंद्र सरकार गीता के डीएन टेस्ट के आधार पर परिवार के दावे का निबटारा करने पर विचार कर रही थी. वहीं आज विदेश मंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि गीता को डीएनए टेस्ट कराने के बाद ही किसी भी परिवार को सौंपा जायेगा.
