संसदीय समिति ने ताज की रक्षा के लिए ‘‘बहुआयामी रणनीति’’ बनाने का किया आह्वान

नयी दिल्ली: विश्व विरासत धरोहर ताजमहल की रंगत फीकी पडने की रिपोटरे के बीच संसद की एक समिति ने इस स्मारक के ‘‘नूर’’ को बरकरार रखने के लिए ‘‘बहुआयामी ’’रणनीति बनाए जाने की सिफारिश की है और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से इस संबंध में जल्द एक कार्ययोजना सौंपने को कहा है. पर्यावरण मंत्रालय की वर्ष […]

नयी दिल्ली: विश्व विरासत धरोहर ताजमहल की रंगत फीकी पडने की रिपोटरे के बीच संसद की एक समिति ने इस स्मारक के ‘‘नूर’’ को बरकरार रखने के लिए ‘‘बहुआयामी ’’रणनीति बनाए जाने की सिफारिश की है और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से इस संबंध में जल्द एक कार्ययोजना सौंपने को कहा है.

पर्यावरण मंत्रालय की वर्ष 2015 16 की अनुदानों की मांगों से संबंधित समिति ने ताज महल के आसपास यमुना नदी के जलग्रहण वाले क्षेत्र के विकास और पर्यावरण अनुकूल संरक्षण के साथ ही ऐतिहासिक शहर में वाहन प्रदूषण पर भी लगाम लगाए जाने को कहा है. समिति ने कहा है , ‘‘ ताज महल के अलौलिक सौंदर्य के संरक्षण की चुनौती के समाधान के लिए बहुआयामी रणनीति बनाए जाने की जरुरत है जिसके लिए समिति ने कुछ सिफारिशें सुझायी हैं.’’
रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘पुरातत्व विभाग को जल्द से जल्द एक कार्ययोजना सौंपने और ताज महल के संरक्षण के लिए तत्काल कदम उठाने की जरुरत है. आगरा और शहर के आसपास के इलाकों में वाहन प्रदूषण पर रोक लगाने तथा ताज के आसपास के यमुना नदी के जलभराव वाले इलाके के विकास और पर्यावरण अनुकूल संरक्षण के लिए तत्काल बहुआयामी नीति को कडाई से लागू किया जाए.’’पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार की अध्यक्षता वाली समिति ने इस ऐतिहासिक इमारत के आसपास के इलाकों में बडे पैमाने पर वनीकरण की भी सिफारिश की है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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