लक्ष्मण कार्टून के ''मूल भगवान'', अपने आप में संस्थान

नयी दिल्ली : देश की कार्टूनिस्ट बिरादरी ने आज आर. के. लक्ष्मण के निधन पर शोक जताते हुए उन्हें ‘कार्टून का मूल भगवान’ और ‘संस्थान’ करार दिया. ‘कॉमन मैन’ की रचना करने वाले लक्ष्मण के बारे में अजित निनान ने कहा, वह कार्टून के मूल भगवान थे. निनान ने बताया, मेरा मानना है कि वह […]

नयी दिल्ली : देश की कार्टूनिस्ट बिरादरी ने आज आर. के. लक्ष्मण के निधन पर शोक जताते हुए उन्हें ‘कार्टून का मूल भगवान’ और ‘संस्थान’ करार दिया. ‘कॉमन मैन’ की रचना करने वाले लक्ष्मण के बारे में अजित निनान ने कहा, वह कार्टून के मूल भगवान थे.

निनान ने बताया, मेरा मानना है कि वह दुनिया के सबसे प्रतिभावान कार्टूनिस्टों में थे क्योंकि एशिया, पश्चिमी समाज के बारे में उनका नजरिया बेहतरीन था. उनके हाथ और दिमाग से उपमायें निकलीं वे अतुलनीय थीं और मेरा मानना है कि लंबे समय तक अतुलनीय रहेंगी. सुधीर तैलंग ने उन्हें ‘एक संस्थान’ बताया जिन्होंने ‘कार्टूनिस्ट के काम को सम्मान’ दिलाया.

पुणे के एक अस्पताल में आज शाम लंबी बीमारी के बाद 94 वर्ष की उम्र में गुजर जाने वाले लक्ष्मण के बारे में तैलंग ने कहा कि उन्होंने अखबारों में कार्टूनिस्ट के दर्जे को बढाया. उनके निधन पर शोक जताते हुए हेमंत मोरपरिया ने कहा, हमने लक्ष्मण से कार्टून का व्याकरण सीखा. वह महान हस्ती थे. उनके समकक्ष कोई नहीं था. मेरा मानना है कि उनके कार्टून को लंबे समय तक याद रखा जाएगा. लक्ष्मण के परिवार में पत्नी कमला और पूर्व पत्रकार श्रीनिवास हैं.

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