मुंबई : महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे 100 दिन सत्ता में पूरे होने के पर सात मार्च को आयोध्या जाएंगे. इस बात की जानकारी पार्टी नेता और प्रवक्ता संजय राउत ने दी. राहुल गांधी को अयोध्या ले जाने के भाजपा के तंज पर राउत ने कहा कि भाजपा कह रही है, राहुल गांधी को अयोध्या ले जाएं तो क्या भाजपा महबूबा मुफ्ती को अयोध्या ले जाएगी ? गौर हो कि इससे पहले राउत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी अयोध्या चलने का न्योता दिया था.
भाजपा पर दबाव डालने के लिए 16 जून को अयोध्या पहुंचे थे उद्धव
आपको बता दें कि इससे पहले उद्धव ठाकरे 16 जून 2019 को अपनी पार्टी के सभी सांसदों के साथ अयोध्या पहुंचे थे. उस वक्त इस दौरे को भाजपा पर दबाव बनाने की रणनीति और विधानसभा चुनाव से जोड़कर राजनीतिज्ञ देख रहे थे. तब शिवसेना भाजपा की सहयोगी पार्टी थी लेकिन अब दोनों के रास्ते अलग-अलग हैं.
कांग्रेस और एनसीपी में हड़कंप
इधर, उद्धव ठाकरे के अयोध्या जाने की घोषणा से कांग्रेस और एनसीपी में हड़कंप मच गयी है. दोनों दलों को इस बात का डर है कि कहीं उद्धव के इस फैसले से मुस्लिम उनसे नाराज हो सकते हैं.
भाजपा से अलग होने के बाद पहली बार अयोध्या पहुंचेंगे शिवसेना प्रमुख
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) से नाता तोड़ने के बाद शिवसेना प्रमुख पहली बार अयोध्या पहुंचेंगे. शिवसेना ने भाजपा से गंठबंधन तोड़ने के बाद एनसीपी और कांग्रेस के साथ मिलकर गठबंधन सरकार बनायी. 28 नवंबर 2019 को ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी.
