''चंद्रयान-2'' : NASA ने भी माना इसरो का लोहा, UAE और ऑस्ट्रेलियाई अंतरिक्ष एजेंसी ने कही ये बात

नयी दिल्ली : अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने इसरो के अतंरिक्ष मिशन चंद्रयान-2 की तारीफ की है. नासा ने बयान जारी कर कहा है कि अंतरिक्ष मिशन कठिनाईयों से भरे होते है. हम इसरो के चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उनके चंद्रयान-2 मिशन को उतारने की कोशिश की सराहना करते हैं. इसरो ने हमें अपनी […]

नयी दिल्ली : अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने इसरो के अतंरिक्ष मिशन चंद्रयान-2 की तारीफ की है. नासा ने बयान जारी कर कहा है कि अंतरिक्ष मिशन कठिनाईयों से भरे होते है. हम इसरो के चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उनके चंद्रयान-2 मिशन को उतारने की कोशिश की सराहना करते हैं. इसरो ने हमें अपनी यात्रा से प्रेरित किया है और हम आपके साथ अपने सौर मंडल के बारे जानने के लिए भविष्य के अवसरों का इंतजार कर रहे हैं.

इधर, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) स्पेस एजेंसी की ओर से भी बयान जारी किया गया है और कहा गया है कि चंद्रयान-2 से संपर्क टूटने पर हम अपनी ओर से इसरो की पूरी मदद करेंगे. भारत के इस कदम से यह साबित हो चुका है कि अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत बड़ी भूमिका भविष्‍य में निभाएगा और नये आयाम स्थापित करेगा.

ऑस्ट्रेलियाई अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा है कि विक्रम लैंडर अपने मिशन से महज कुछ दूरी से चूक गया है. इसरो के इस प्रयास की जितनी तारीफ की जाए कम है. यहां चर्चा कर दें कि 2.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर चांद से जमीनी स्टेशन का संपर्क टूट गया है. ‘विक्रम ने ‘रफ ब्रेकिंग और ‘फाइन ब्रेकिंग चरणों को सफलतापूर्वक पूरा करने का काम किया, लेकिन ‘सॉफ्ट लैंडिंग से पहले इसका संपर्क धरती पर मौजूद स्टेशन से टूट गया.

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