NRC की अंतिम सूची कल, हाई अलर्ट पर असम, 41 लाख लोगों के भविष्य का होगा फैसला

गुवाहाटी. बांग्लादेश की सीमा से सटे पूर्वोत्तर राज्य असम देश का इकलौता राज्य है, जहां राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर यानी एनआरसी बनाया जा रहा है.31 अगस्त को प्रकाशित होने वाली एनआरसी की अंतिम सूची पर पूरे देश की निगाहें टिकीं हुईं हैं. असम में रह रहे 41 लाख लोगों के भाग्य का फैसला इस सूची से […]

गुवाहाटी. बांग्लादेश की सीमा से सटे पूर्वोत्तर राज्य असम देश का इकलौता राज्य है, जहां राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर यानी एनआरसी बनाया जा रहा है.31 अगस्त को प्रकाशित होने वाली एनआरसी की अंतिम सूची पर पूरे देश की निगाहें टिकीं हुईं हैं. असम में रह रहे 41 लाख लोगों के भाग्य का फैसला इस सूची से होने वाला है.
एनआरसी पर अंतिम सूची आने से पहले राज्य में भय का माहौल है. पूरा असम हाई अलर्ट पर है. हालांकि केंद्र सरकार ने पहले ही साफ कर दिया है कि जो लोग अपनी नागरिकता खो देंगे उन्हें डिटेंशन सेंटर नहीं भेजा जाएगा. ऐसे में लोगों को ज्यादा भय में रहने की जरूरत नहीं है.
असम में नागरिकों की अंतिम सूची शनिवार सुबह 10 बजे ऑनलाइन प्रकाशित कर दी जाएगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल के दौरान जम्मू एवं कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने और उसे दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांट देने के बाद एनआरसी की अंतिम सूची की घोषणा सबसे बड़ा घटनाक्रम होगा.
असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर पहली बार 1951 में प्रकाशित किया गया था, और अब उसे सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर अपडेट किया जा रहा है, ताकि असम में रह रहे भारतीय नागरिकों और उन लोगों को अलग-अलग किया जा सके, जो मार्च 25, 1971 के बाद गैरकानूनी तरीके बांग्लादेश से भारत में घुसे. एनआरसी का पहला ड्राफ्ट 30 जुलाई 2018 को प्रकाशित हुआ था जिसमें 3.29 करोड़ लोगों में से 2.9 करोड़ लोगों को इस लिस्ट में शामिल किया गया था. इसके बाद जून 2019 में प्रकाशित लिस्ट में से फिर लाखों लोगों को बाहर कर दिया गया था.
इसके मद्देनजर बांग्लादेश की सीमा से सटे पूर्वोत्तर राज्य में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और सार्वजनिक स्थानों पर चार से ज़्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर पाबंदी लागू कर दी गई है. गुवाहाटी समेत सभी संवेदनशील इलाकों में विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जहां हिंसा भड़कने की घटनाएं अतीत में हो चुकी हैं. केंद्र सरकार ने 20,000 अतिरिक्त अर्द्धसैनिक बल असम में भेजे हैं.
असम पुलिस ने भी ट्वीट किया है कि सरकार ने ‘उन लोगों की पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं, जिनके नाम एनआरसी में शामिल नहीं होंगे… अफवाहों पर यकीन नहीं करें, क्योंकि कुछ तत्व समाज में कन्फ्यूज़न पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं… नागरिकों की सुरक्षा हमारी शीर्ष प्राथमिकता है…’

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